पुलिस वालों ने पेश की मानवता की मिसाल

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लखनऊ। पुलिस विभाग की आलोचना तो रोज ही सुनने को मिलती है, पर कभी-कभी कुछ पुलिस वाले ऐसा कुछ कर जाते हैं जिससे विभाग का सिर ऊंचा हो जाता है। लखनऊ के ठाकुरगंज में पुलिस वालों ने बेहोश पड़े एक बुजुर्ग को न सिर्फ प्राथमिक उपचार दिया, बल्कि कपड़े पहनाये और अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं बाजारखाला इलाके में दो साल से गायब एक किशोर को किसी तरह पुलिस ने तलाश कर उसकी मां के हवाले किया।

Lucknow Police Did Two Goodwork :

पहली घटना– बुधवार सुबह पुलिस कंट्रोल को सूचना मिली कि एक 75 साल का बुजुर्ग ठाकुरगंज भुवहर कुंदन खेड़ा इलाके में बीती रात्रि से खेत मे बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पीवीआर 2643 मौके पर पहुंची। पीआरवी में तैनात कमांडर रामखेलावन, सब कमांडर अभिनव पटेल और पायलेट गेंदालाल यादव ने ग्रामीणों की सहायता से खेत मे ठण्ड से ठिठुर रहे बुजुर्ग को उठाकर उनके कपड़े बदलाये।

इसके बाद खुद ही पुलिस वालों ने बुजुर्ग का प्रथम प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी बुजुर्ग को बलरामपुर अस्पताल लेकर पहुंचे और इलाज के लिए भर्ती कराया। पुलिस वालों के इस काम पर गांव के लोगों ने उनकी तारीफ की और शुक्रिया भी अदा किया। फिलहाल बुजुर्ग के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल सका है।

दूसरी घटना– बाजारखाला के मोतीझील इलाके में रहने वाली स्व. हमीद की विधवा रहती हैं। उनका 11 साल का बेटा उस्मान दो साल पहले घर से चला गया था। विधवा अपने बेटे को तलाश करके थक चुकी थीं और उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था। इस पर उन्होंने बाजारखाला की मिल एरिया चौकी इंचार्ज अरविंद सिंह से पूरे मामले की शिकायत की।

मामला इंस्पेक्टर बाजारखाला तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस टीम को उसमान की तलाश में लगाया। काफी छानबीन के बाद पुलिस को इस बात की जानकारी हुई कि उस्मान दिल्ली के किसी अनाथ आश्रम में है। चौकी प्रभारी मिल एरिया अरविन्द सिंह ने फौरन दिल्ली के अनाथ आश्रम से सम्पर्क किया। बातचीत करने पर पता चला कि आश्रम में मौजूद बच्चा उस्मान ही है।

इसके बाद पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और उस्मान को लेकर वापस लौटी और मां को उसके हवाले कर दिया। दो साल से गायब बेटे को देख मां की आंखें भर आईं और उस्मान की माँ ने पुलिस वालों को दुआएं देते हुए उनका शुक्रिया अदा किया।

लखनऊ। पुलिस विभाग की आलोचना तो रोज ही सुनने को मिलती है, पर कभी-कभी कुछ पुलिस वाले ऐसा कुछ कर जाते हैं जिससे विभाग का सिर ऊंचा हो जाता है। लखनऊ के ठाकुरगंज में पुलिस वालों ने बेहोश पड़े एक बुजुर्ग को न सिर्फ प्राथमिक उपचार दिया, बल्कि कपड़े पहनाये और अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं बाजारखाला इलाके में दो साल से गायब एक किशोर को किसी तरह पुलिस ने तलाश कर उसकी मां के हवाले किया। पहली घटना- बुधवार सुबह पुलिस कंट्रोल को सूचना मिली कि एक 75 साल का बुजुर्ग ठाकुरगंज भुवहर कुंदन खेड़ा इलाके में बीती रात्रि से खेत मे बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पीवीआर 2643 मौके पर पहुंची। पीआरवी में तैनात कमांडर रामखेलावन, सब कमांडर अभिनव पटेल और पायलेट गेंदालाल यादव ने ग्रामीणों की सहायता से खेत मे ठण्ड से ठिठुर रहे बुजुर्ग को उठाकर उनके कपड़े बदलाये। इसके बाद खुद ही पुलिस वालों ने बुजुर्ग का प्रथम प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी बुजुर्ग को बलरामपुर अस्पताल लेकर पहुंचे और इलाज के लिए भर्ती कराया। पुलिस वालों के इस काम पर गांव के लोगों ने उनकी तारीफ की और शुक्रिया भी अदा किया। फिलहाल बुजुर्ग के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल सका है। दूसरी घटना- बाजारखाला के मोतीझील इलाके में रहने वाली स्व. हमीद की विधवा रहती हैं। उनका 11 साल का बेटा उस्मान दो साल पहले घर से चला गया था। विधवा अपने बेटे को तलाश करके थक चुकी थीं और उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था। इस पर उन्होंने बाजारखाला की मिल एरिया चौकी इंचार्ज अरविंद सिंह से पूरे मामले की शिकायत की। मामला इंस्पेक्टर बाजारखाला तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस टीम को उसमान की तलाश में लगाया। काफी छानबीन के बाद पुलिस को इस बात की जानकारी हुई कि उस्मान दिल्ली के किसी अनाथ आश्रम में है। चौकी प्रभारी मिल एरिया अरविन्द सिंह ने फौरन दिल्ली के अनाथ आश्रम से सम्पर्क किया। बातचीत करने पर पता चला कि आश्रम में मौजूद बच्चा उस्मान ही है। इसके बाद पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और उस्मान को लेकर वापस लौटी और मां को उसके हवाले कर दिया। दो साल से गायब बेटे को देख मां की आंखें भर आईं और उस्मान की माँ ने पुलिस वालों को दुआएं देते हुए उनका शुक्रिया अदा किया।