दरोगा ने जानलेवा हमले और लूट की धारा हटाकर कोर्ट भेजी चार्जशीट

lucknow police court, लखनऊ पुलिस
दरोगा ने जानलेवा हमले और लूट की धारा हटाकर कोर्ट भेजी चार्जशीट

लखनऊ। मड़़ियांव के मुतक्कीपुर निवासी मुजीद बेग पर लूट के बाद हुए जानलेवा हमले की विवेचना में न्याय न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस के उच्चाधिकारियों व राज्य मानवाधिकार आयोग में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि मुतक्कीपुर के ही रहने वाले सलीम बेग व वकील बेग ने रात में बुलाकर जानलेवा हमलावर करके जेब में रखे रुपये लूट लिये थे। जिसका मुकदमा बीते 27 अक्टूबर 2017 को मड़़ियांव थाना में 323,504,506,308,325 और 392 की धाराओं में दर्ज हुआ था। मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक नजर इमाज व रविन्द्रनाथ शुक्ला से आरोपी ने मिलकर धारा 392 और 308 को हटवाकर न्यायालय के समक्ष चार्जशीट पेश की है।

Lucknow Police File Untrue Chargesheet :

पीड़ित मुजीद बेग ने बताया, जब उसे पता चला कि विवेचक नजर इमाम आरोपियों से मिल चुके हैं। तो उसने आईजी के परिक्षेत्र कार्यालय में जाकर दिनांक 4 नवम्बर को एक प्रार्थना पत्र देकर दूसरे थाने से अपने केस की विवेचना कराने की मांग की थी। लेकिन उसके प्रार्थना पत्र पर संज्ञान नही लिया गया। विवेचक दारोगा नजर इमाम का ट्रांसफर होने के बाद मड़़ियांव थाने के ही दूसरे दारोगा रविन्द्र नाथ शुक्ल को विवेचना दे दी गई।

विवेचक रविन्द्र नाथ शुक्ल ने भी न्याय संगत विवेचना न करके आरोपियों को फायदा देते हुए धारा 308 और 392 को हटाकर कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। उनके द्वारा कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट को देख कर पीड़ित हैरान रह गया और पीड़ित ने 27 मार्च मंगलवार को प्रार्थना पत्र स्पीड पोस्ट करके अपने केस की पुनः विवेचना कराने के लिए राज्य मानवाधिकार आयोग, डीजीपी, आईजी परिक्षेत्र, एसएसपी लखनऊ से मांग की है।

लखनऊ। मड़़ियांव के मुतक्कीपुर निवासी मुजीद बेग पर लूट के बाद हुए जानलेवा हमले की विवेचना में न्याय न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस के उच्चाधिकारियों व राज्य मानवाधिकार आयोग में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि मुतक्कीपुर के ही रहने वाले सलीम बेग व वकील बेग ने रात में बुलाकर जानलेवा हमलावर करके जेब में रखे रुपये लूट लिये थे। जिसका मुकदमा बीते 27 अक्टूबर 2017 को मड़़ियांव थाना में 323,504,506,308,325 और 392 की धाराओं में दर्ज हुआ था। मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक नजर इमाज व रविन्द्रनाथ शुक्ला से आरोपी ने मिलकर धारा 392 और 308 को हटवाकर न्यायालय के समक्ष चार्जशीट पेश की है।पीड़ित मुजीद बेग ने बताया, जब उसे पता चला कि विवेचक नजर इमाम आरोपियों से मिल चुके हैं। तो उसने आईजी के परिक्षेत्र कार्यालय में जाकर दिनांक 4 नवम्बर को एक प्रार्थना पत्र देकर दूसरे थाने से अपने केस की विवेचना कराने की मांग की थी। लेकिन उसके प्रार्थना पत्र पर संज्ञान नही लिया गया। विवेचक दारोगा नजर इमाम का ट्रांसफर होने के बाद मड़़ियांव थाने के ही दूसरे दारोगा रविन्द्र नाथ शुक्ल को विवेचना दे दी गई।विवेचक रविन्द्र नाथ शुक्ल ने भी न्याय संगत विवेचना न करके आरोपियों को फायदा देते हुए धारा 308 और 392 को हटाकर कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। उनके द्वारा कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट को देख कर पीड़ित हैरान रह गया और पीड़ित ने 27 मार्च मंगलवार को प्रार्थना पत्र स्पीड पोस्ट करके अपने केस की पुनः विवेचना कराने के लिए राज्य मानवाधिकार आयोग, डीजीपी, आईजी परिक्षेत्र, एसएसपी लखनऊ से मांग की है।