1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Lucknow University 64th Convocation: आनंदी बेन पटेल ने दिया मेधावियों को मंत्र, नैतिक रूप से काम करेंगे तो हम फिर से बन जाएंगे ‘विश्वगुरु’

Lucknow University 64th Convocation: आनंदी बेन पटेल ने दिया मेधावियों को मंत्र, नैतिक रूप से काम करेंगे तो हम फिर से बन जाएंगे ‘विश्वगुरु’

Lucknow University 64th Convocation: लखनऊ विश्विद्यालय (Lucknow University) ने अपना 64वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को राजधानी के मनाया गया है। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 15 छात्रों को अलग-अलग मेडल्स से नवाजा। इसमें चांसलर गोल्ड मेडल और डॉ चक्रवर्ती गोल्ड मेडल जैसे प्रतिष्ठित मेडल भी दिए गए। कार्यक्रम में विश्विद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने बताया कि 34,811 स्टूडेंट्स की डिग्रियां उनके घर भेजी जाएंगी।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Lucknow University 64th Convocation: लखनऊ विश्विद्यालय (Lucknow University) ने अपना 64वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को राजधानी के मनाया गया है। दीक्षांत समारोह (Convocation) के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 15 छात्रों को अलग-अलग मेडल्स से नवाजा। इसमें चांसलर गोल्ड मेडल और डॉ चक्रवर्ती गोल्ड मेडल जैसे प्रतिष्ठित मेडल भी दिए गए। कार्यक्रम में विश्विद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर आलोक कुमार राय (Professor Alok Kumar Rai) ने बताया कि 34,811 स्टूडेंट्स की डिग्रियां उनके घर भेजी जाएंगी।

पढ़ें :- Lucknow University : प्रोफेसर को थप्पड़ जड़ने वाले छात्र नेता को पुलिस ने थाने से छोड़ा, जानिए कारण

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandi Ben Patel) ने दिए 15 मेधावियों को  मेडल देकर सम्मानित किया। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल (Anandi Ben Patel)ने इस दौरान छात्रों को सफलता के मंत्र भी दिए। उन्होंने कहा कि नए छात्रों को दैनिक जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय के प्रबुद्ध पूर्व छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए। आनंदीबेन पटेल (Anandi Ben Patel) ने कहा कि अगर हम सभी नैतिक रूप से काम करेंगे तो हम फिर से “विश्वगुरु” बन जाएंगे।

आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University)  को स्थापना के 101 वर्ष पूरे करने के लिए बधाई दी है। कहा कि विश्वविद्यालय स्वतंत्रता की लड़ाई का गवाह रहा है। गुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने कई बार विश्वविद्यालय का दौरा किया। कुलाधिपति ने भी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों के शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी। कहा कि विश्वविद्यालय निरक्षरता के अंधकार को दूर कर अपने आदर्श वाक्य “लाइट एंड लर्निंग” के अनुरूप काम कर रहा है।

उन्होंने नई शिक्षा नीति 2022 को लागू करने में लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University)  के प्रयासों की सराहना की और एनआईआरएफ और इंडिया टुडे में रैंक प्राप्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों में प्रश्न पूछने की क्षमता विकसित करता है। उन्हें सहनशीलता सिखाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने कोविड महामारी के दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों कक्षाओं में आवश्यक कदम उठाए।

पढ़ें :- Lucknow University में प्रोफेसर को थप्पड़ जड़ने वाले छात्र नेता पर सपा का बड़ा एक्शन, पार्टी से किया आउट

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Jewar International Airport) की आधारशिला रखी है जो आने वाले भविष्य में 1 लाख लोगों को रोजगार देगा। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले प्रधान मंत्री ने देश को आरोग्य भारत योजना से आशीर्वाद दिया था, जो पूरे देश की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करेगी। उन्होंने छात्रों से जल संरक्षण, वोकल फॉर लोकल, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने, एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग बंद करने में मदद करने और अंत में “भारतीय संविधान दिवस” के लिए सभी को बधाई देते हुए अपना संबोधन खत्म किया। इसके बाद कुलपति ने कुलाधिपति को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल द्वारा अलग-अलग पाठ्यक्रमों से चुने गए छात्रों को चांसलर गोल्ड मेडल, डॉ चक्रवर्ती गोल्ड मेडल, चांसलर सिल्वर मेडल, वाईस चांसलर सिल्वर मेडल और चांसलर ब्रॉन्ज मेडल से नवाजा गया।

• चांसलर गोल्ड मेडल- स्वाति सिंह
• डॉ चक्रवर्ती गोल्ड मेडल – सर्विस – देव धर दुबे
• चांसलर सिल्वर मेडल – लवी शुक्ला (दो मेडल)
• वाईस चांसलर गोल्ड मेडल – मीतेन्द्र श्रीवास्तव
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – इकरा रिजवान वारसी
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – अभिनव कुमार वर्मा
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – मोहम्मद आयूब अहमद
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – कुलदीप कुमार पटेल
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – दिशा मिश्रा
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – सुहानी कन्याल
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – विनय सिंह
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – श्रद्धा पांडेय
• चांसलर ब्रॉन्ज मेडल – पुनीत देशवाल

64वें दीक्षांत समारोह का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के मालवीय सभागार में सुबह करीब 12ः30 बजे शैक्षिक शोभायात्रा सभागार में पहुंची। इसकी अगुवाई कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह कर रहे थे। उनके पीछे विश्वविद्यालय के विद्या परिषद सदस्यों के नेतृत्व में कार्यकारी परिषद के सदस्य, सभी संकाय के सदस्य और कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल थीं।

कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि 34811 डिग्री पंजीकृत डाक द्वारा उम्मीदवारों को उनके घर के पते पर भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है, जिसने नई शिक्षा नीति लागू कर दी है। छात्रों के लिए मल्टीपल एंट्री व एक्जिट की व्यवस्था लागू की गई है। छात्र जब चाहे पढ़ाई को जारी रख सकता है। उन्होंने कहा कि इसका लाभ उठाने वाले दो लाभार्थी छात्रों को इसी दीक्षांत समारोह में डिग्री दी जाएगी। कुलपति ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने मोंटगोमरी, अलबामा, यूएसए में ऑबर्न यूनिवर्सिटी के साथ समझौता किया है। यह बहु-विषयक अनुसंधान के लिए एक नया अवसर खोलेगा।

प्रो. राय ने बताया कि इस सत्र में विश्वविद्यालय ने तीन नए संस्थान खोले हैं और एनआईआरएफ (NIRF) में रैंक भी हासिल की है। इसके बाद कुलपति ने सभी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को “दीक्षा” दी। कला, विज्ञान, वाणिज्य, कानून, शिक्षा, ललित कला, आयुर्वेद और यूनानी संकाय के छात्रों को डिग्री प्रदान की। छात्रों को मेडल वितरित किए। लखनऊ विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों द्वारा लिखी गई कई पुस्तकों का विमोचन कुलाधिपति द्वारा किया गया। इसके बाद कुलाधिपति द्वारा आठ नई परियोजनाओं/योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इन नई परियोजनाओं/योजनाओं के उद्घाटन के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए बच्चों को कुलाधिपति द्वारा किताबें, बैग और उपहार में दिए गए।

पढ़ें :- काशी विश्वनाथ पर विवादित टिप्पणी करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को छात्र नेता ने जड़ा थप्पड़

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...