लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने गर्ल्स टॉयलेट तुड़वाकर बनवाया कमरा, मचा बवाल

लखनऊ। स्वच्छ भारत मुहिम में सरकार के कदम से कदम मिला कर चलने का ज्ञान देने वाले शिक्षण सस्थानों के शिक्षक क्या इस बात को तवज्जो देते है कि निजी हित से पहले हमे सामाजिकता के बारे में सोचना चाहिया। समाजिकता का पाठ पढ़ाने वाले क्या वास्तव में समाज के प्रति अपने दायित्व का सही तौर पर निर्वाह करते है। लखनऊ यूनिवर्सिटी की हालात देख कर तो निराशा ही हाथ लगती है क्योकि यहां समाजिकता का ककहरा सिखाने वाले पर जब स्वार्थ की बात आती है तो इस बात से कतई इत्तेफाक नहीं रखते। दरअसल पूरा मामला है लखनऊ यूनिवर्सिटी के समाज शास्त्र के पूर्व एचओडी रहे प्रो॰ राम गणेश यादव का जिन्होने स्वार्थ वश गर्ल्स टॉयलेट को तुड़वाकर अपना कमरा बनवा लिया। जिस बात से गुस्साये छात्रों ने हंगामा कर कमरा तुड़वकार गर्ल्स टॉइलेट बनवाने की मांग की है। जानकारी में ये भी पता चला है कि छात्रों ने मांग पूरी न करने पर प्रोटेस्ट करने की चेतावनी दी है।



डिपार्टमेंट में था एक ही टॉइलेट–
लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राम गणेश यादव ने समाजशास्त्र विभाग में छात्रओं के शौचालय को तोड़कर अपना कमरा बनवा लिया। विभागाध्यक्ष पद पर रहते हुए प्रो. राम गणोश द्वारा शौचालय को तोड़कर बनवाए गए कमरे पर करीब साढ़े तीन लाख रुपए खर्च हुए। इस बात से नाराज़ होकर छात्रों ने वहाँ जमकर हंगामा किया। छात्रों का कहना है कि डिपार्टमेंट में एक ही टॉइलेट था जिसे तोड़कर कमरा बनवा लिया गया है, इससे सभी छात्रों को दिक्कत हू रही है। वही लड़कियों को काफी दूर टॉइलेट उसे करने जाना पड़ता। बताते चले, समाजशास्त्र विभाग में करीब एक हजार विद्यार्थी बीए, एमए, एमफिल व पीएचडी कोर्सेज में पढ़ते हैं। इनमें से कई विद्यार्थियों की ओर से लिखित शिकायती पत्र शौचालय को लेकर वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. डीआर साहू को सौंपा गया है।



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एचओडी ने लिखा वीसी को लेटर—
एलयू के समाज शास्त्र के एचओडी प्रो. डीआर साहू भी स्टूडेंट्स के पक्ष में खड़े हुये। उन्होंने यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एसपी सिंह को लेटर लिखा और उसमे गर्ल्स टॉयलेट को तोड़े जाने और वहां पर पूर्व एचओडी प्रो. राम गणेश के लिए कमरा बनवाए जाने पर ऑब्जेक्शन जताते हुये फिर से वहाँ टॉइलेट बनाए जाने की बात कही। उन्होने कहा कि विभाग की इस बिल्डिंग के निर्माण के साथ ही यहां शौचालय भी बना हुआ था, इतने पुराने शौचालय को करीब एक वर्ष पहले तोड़कर पूर्व विभागाध्यक्ष ने अपने लिए अलग कमरा बनवा लिया गया जो कि गलत है।



बेवजह हो रही राजनीति—
प्रो॰ राम गणेश यादव ने इस मामले में सफाई देते हुये कहा कि टॉइलेट कि स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते कोई भी छात्र इसका प्रयोग नहीं करता था। तभी उन्होने पूर्व कुलपति से कहकर यहाँ टॉइलेट तुड़वकार कमरा बनवाने की मांग की साथ ही निर्माण विबाग ने साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर इसे बनाया। उन्होने आगे कहा कि प्रो॰ डीआर साहू छात्रों की आड़ में बेवजह की राजनीति खेल रहे है।

नहीं मिली कोई कंप्लेन: वीसी

उधर एलयू के वीसी प्रो. एसपी सिंह का कहना है कि इस मामले में उनको कोई भी कंप्लेन नहीं मिली है। जैसे ही इस बारे में कोई शिकायत पत्र मिलता है उसपर उचित कार्यवाही की जाएगी।

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