पेपर लीक कराने वालों पर लगेगा रासुका, संस्थानों की मान्यता होगी रद्द: CM योगी

पेपर लीक कराने वालों पर लगेगा रासुका, संस्थानों की मान्यता होगी रद्द: CM योगी
पेपर लीक कराने वालों पर लगेगा रासुका, संस्थानों की मान्यता होगी रद्द: CM योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। पेपर लीक में दोषी पायी गई संस्था ब्लैकलिस्ट होगी। यदि कोई सरकारी या मान्यताप्राप्त संस्था लिप्त पायी जाती है तो उसकी मान्यता रद होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंत्री, अफसरों और शिक्षकों को आईना दिखाया और उनकी क्लास ली। यह भी एलान किया कि अभी 97 हजार और शिक्षकों की भर्ती होगी।

Lucknow Yogi Government Will Introduce Nsa To Leak Paper In Competitive Examinations :

दोबारा पेपर लीक की घटनाएं न हों

मुख्यमंत्री पेपर लीक, भर्तियों में गड़बड़ी और रिक्तियां होने की घटनाओं से खफा भी थे और उन्होंने सवाल भी दागा-‘परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के प्रकरण क्यों सामने आ रहे हैं?’ उन्होंने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि दोबारा पेपर लीक होने की घटनाएं न हों। इस अहम बैठक में उप्र लोकसेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड आदि के अध्यक्ष, सचिव व अन्य प्रतिनिधि पहुंचे।

ठोस रणनीति के लिए मांगा सुझाव, आठ को फिर बैठक

सीएम ने भर्तियों को लेकर आ रही समस्या के निदान के लिए ठोस रणनीति बनाने को कहा और आयोग अधिकारियों से सुझाव मांगे। इसके लिए मुख्य सचिव ने आठ सितंबर को फिर बैठक बुलाई है। कहा कि सिस्टम में कहां छेद है, उसका पता करके खत्म किया जाए।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। पेपर लीक में दोषी पायी गई संस्था ब्लैकलिस्ट होगी। यदि कोई सरकारी या मान्यताप्राप्त संस्था लिप्त पायी जाती है तो उसकी मान्यता रद होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंत्री, अफसरों और शिक्षकों को आईना दिखाया और उनकी क्लास ली। यह भी एलान किया कि अभी 97 हजार और शिक्षकों की भर्ती होगी।

दोबारा पेपर लीक की घटनाएं न हों

मुख्यमंत्री पेपर लीक, भर्तियों में गड़बड़ी और रिक्तियां होने की घटनाओं से खफा भी थे और उन्होंने सवाल भी दागा-'परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के प्रकरण क्यों सामने आ रहे हैं?' उन्होंने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि दोबारा पेपर लीक होने की घटनाएं न हों। इस अहम बैठक में उप्र लोकसेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड आदि के अध्यक्ष, सचिव व अन्य प्रतिनिधि पहुंचे।

ठोस रणनीति के लिए मांगा सुझाव, आठ को फिर बैठक

सीएम ने भर्तियों को लेकर आ रही समस्या के निदान के लिए ठोस रणनीति बनाने को कहा और आयोग अधिकारियों से सुझाव मांगे। इसके लिए मुख्य सचिव ने आठ सितंबर को फिर बैठक बुलाई है। कहा कि सिस्टम में कहां छेद है, उसका पता करके खत्म किया जाए।