रक्षा बंधन के दिन है खंडग्रास चंद्र ग्रहण, जानिए- कब और कहां दिखेगा

सावन महीने के आखिरी सोमवार(7अगस्त) को खंडग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस दिन रक्षा बंधन भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी शुरुआत अफ्रीका के मध्य भाग से 7 अगस्त को रात में 10.53 बजे(भारतीय समयनुसार) होगी। इसका अंत ऑस्ट्रेलिया में होगा। चंद्र ग्रहण खत्म होने का समय रात्रि 12 बजकर 55 मिनट पर बताया जा रहा है। चंद्र ग्रहण का मध्य 7 अगस्त रात 11.50 बजे होगा। चंद्र ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले ही इसके सूतक लग जाएंगे। सूतक लगने के बाद कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता। रक्षा बंधन होने की वजह से सूतक लगने के बाद राखी भी नहीं बांधी जाती। चंद्र ग्रहण के साथ ही भद्रकाल का भी ध्यान रखना होगा। ऐसे में राखी बांधने के लिए केवल पांच घंटे ही शुभ हैं। सूतक सात अगस्त को दोपहर 1 बजकर 52 मिनट पर लग जाएंगे।

रिपोर्ट्स के मुातबिक इस चंद्र ग्रहण भारत, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, यूरोप के कुछ भाग, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी भाग, प्रशान्त महासागर और अंटकार्टिका में देखा जाएगा। चंद्र ग्रहण के बाद 21-22 अगस्त को सूर्य ग्रहण होगा, हालांकि, यह भारत में दिखाई नहीं देगा। यह पश्चिमी यूरोप, उत्तर पूर्वी एशिया, उत्तर पश्चिमी दक्षिणी अमेरिका तथा अटलांटिक तथा प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण के सूतक लगने के बाद सभी मंदिरों के पट भी बंद कर दिए जाते हैं। मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के वक्त देवताओं के दर्शन नहीं किए जाते। ऐसे में 8 अगस्त को सुबह ही मंदिरों के पट खुलेंगे।

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चंद्र ग्रहण का असर मानव जाति और जीव-जंतु दोनों पर रहेगा। ग्रहण के दिन ज्योतिष विद्वान सलाह देते हैं कि परिवार में बुजुर्ग, बच्चों और बीमार सदस्यों के अलावा कोई भी भोजन ना करे। इसके साथ ही गर्भवति महिलाओं के घर के अंदर ही रहने के लिए कहा जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि ग्रहण के दिन वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए घर में अंदर रहकर पूजा पाठ और मंत्रों का जाप करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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