Lunar Eclipse 2019: 149 सालों बाद कल लगेगा दुर्लभ चंद्रग्रहण, इन बातों का रखें ध्यान

Lunar Eclipse 2019: 149 सालों बाद कल लगेगा दुर्लभ चंद्रग्रहण, इन बातों का रखें ध्यान
Lunar Eclipse 2019: 149 सालों बाद कल लगेगा दुर्लभ चंद्रग्रहण, इन बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली। कल यानी मंगलवार रात को इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगने वाला है। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह आंशिक चंद्रग्रहण होगा जिसे अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम उत्तर पूर्वी हिस्सों को छोड़कर देश भर में देखा जा सकेगा। यह रात एक बजकर 31 मिनट से शुरू होकर चार बजकर 30 मिनट तक रहेगा। ऐसा 149 साल बाद होने जा रहा है जब गुरु पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा। यह रात को तीन बजकर एक मिनट पर पूरे चरम पर होगा जब धरती की छाया चंद्रमा के आधे से ज्यादा हिस्से को ढक लेगी। आइये जाने इस चंद्रग्रहण को लेकर अन्य खास बातें…

Lunar Eclipse According To The Astrological Prediction :

बता दें कि इस साल का पहला चंद्रग्रहण 20 और 21 जनवरी की दरम्यानी रात को लगा था। यह पूर्ण चंद्रग्रहण था जिसे वैज्ञानिकों ने सुपर ब्लड वुल्फ मून नाम दिया था। इसे यह नाम इसलिए दिया गया था क्योंकि ऐसे चंद्रग्रहण में चंद्रमा पूरी तरह लाल नजर आता है। वुल्फ मून का नाम नेटिव अमेरिकी जनजातियों ने रखा, क्योंकि सर्दियों के दौरान खाना ढूंढ़ते भेड़िए चिल्लाते हैं। इस बार भारत में लोगों को सुपर ब्लड वुल्फ मून जैसा नजारा दिखाने को मिलेगा।

क्या करें क्या ना करें

  • चन्द्र ग्रहण एवं माघ पूर्णिमा के इस खास संयोग पर गर्भवती महिलाएं अपना खास ख्याल रखें।
  • ग्रहण के दौरान घर से बाहर ना निकलें।
  • ये महिलाएं अपने आस पास किसी नुकीली वस्तु को ना रखें। क्योंकि इसका बुरा प्रभाव होने वाली संतान पर होगा।
    ग्रहण के सूतक काल में कुछ भी खाने-पीने से मना किया जाता है, लेकिन बुजुर्ग और बच्चों के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है।
नई दिल्ली। कल यानी मंगलवार रात को इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगने वाला है। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह आंशिक चंद्रग्रहण होगा जिसे अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम उत्तर पूर्वी हिस्सों को छोड़कर देश भर में देखा जा सकेगा। यह रात एक बजकर 31 मिनट से शुरू होकर चार बजकर 30 मिनट तक रहेगा। ऐसा 149 साल बाद होने जा रहा है जब गुरु पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा। यह रात को तीन बजकर एक मिनट पर पूरे चरम पर होगा जब धरती की छाया चंद्रमा के आधे से ज्यादा हिस्से को ढक लेगी। आइये जाने इस चंद्रग्रहण को लेकर अन्य खास बातें... बता दें कि इस साल का पहला चंद्रग्रहण 20 और 21 जनवरी की दरम्यानी रात को लगा था। यह पूर्ण चंद्रग्रहण था जिसे वैज्ञानिकों ने सुपर ब्लड वुल्फ मून नाम दिया था। इसे यह नाम इसलिए दिया गया था क्योंकि ऐसे चंद्रग्रहण में चंद्रमा पूरी तरह लाल नजर आता है। वुल्फ मून का नाम नेटिव अमेरिकी जनजातियों ने रखा, क्योंकि सर्दियों के दौरान खाना ढूंढ़ते भेड़िए चिल्लाते हैं। इस बार भारत में लोगों को सुपर ब्लड वुल्फ मून जैसा नजारा दिखाने को मिलेगा। क्या करें क्या ना करें
  • चन्द्र ग्रहण एवं माघ पूर्णिमा के इस खास संयोग पर गर्भवती महिलाएं अपना खास ख्याल रखें।
  • ग्रहण के दौरान घर से बाहर ना निकलें।
  • ये महिलाएं अपने आस पास किसी नुकीली वस्तु को ना रखें। क्योंकि इसका बुरा प्रभाव होने वाली संतान पर होगा। ग्रहण के सूतक काल में कुछ भी खाने-पीने से मना किया जाता है, लेकिन बुजुर्ग और बच्चों के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है।