चन्द्र ग्रहण 2018: पूरे भारत में देखा जा सकेगा ग्रहण, 3 घंटा 55 मिनट तक रहेगा असर

lunar eclipse,सदी का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण,
चन्द्र ग्रहण 2018: पूरे भारत में देखा जा सकेगा ग्रहण, 3 घंटा 55 मिनट तक रहेगा असर

नई दिल्ली। आज यानि 27 जुलाई को सदी का सबसे लंबा चन्द्र ग्रहण लग रहा है। दुनियाभर में सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं हालांकि भारत में चंद्रग्रहण का असर देर रात 10.53 बजे से ही दिखना शुरू हो जाएगा। ग्रहण की अवधि रात्रि में 3 घंटा 56 मिनट तक मानी जा रही है। चन्द्र ग्रहण सामान्यतः पूर्णिमा के दिन लगता है, इस बार भी यह चंद्रग्रहण पूर्णिमा के दिन लग रहा है। चन्द्र ग्रहण से जुड़ी जानकारी के लिए नीचे पढ़ें।

Lunar Eclipse On July 27 2018 Time In India And Where To Watch :

समय के साथ-साथ बदलेगा चांद का आकार

मिली जानकारी के मुताबिक भारत में देर रात से चंद्रग्रहण का असर दिखना शुरू हो जाएगा। धीरे-धीरे चांद का रंग लाल होता जाएगा और एक समय ऐसा आएगा जब चांद पूरी तरह से गायब हो जाएगा।

समयानुसार ऐसे दिखेगा चाँद पर असर

  • शुक्रवार रात 10.53 बजे – चांद पर ग्रहण का असर शुरू होगा लेकिन नंगी आंखों से कुछ नहीं दिखेगा।
  • 11.54 बजे – धीरे-धीरे देख सकेंगे नंगी आँखों से ग्रहण का असर
  • रात 1.51 बजे – चंद्रग्रहण अपने सर्वोच्च स्तर पर होगा, ये ही पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।
  • 2.43 बजे – धीरे-धीरे ग्रहण का असर कम होगा।
  • शनिवार सुबह 5.00 बजे – चंद्रग्रहण का असर खत्म होगा।

देश के बड़े मंदिरों के कपाट रहेंगे बंद

चंद्रग्रहण की वजह से देशभर के कई बड़े मंदिर दोपहर बाद से ही बंद हो जाएंगे। हरिद्वार, वाराणसी और इलाहाबाद में हर शाम होने वाली गंगा आरती भी दोपहर में हो जायेगी। देश के कई बड़े मंदिरों में दोपहर दो बजे के बाद दर्शन नहीं कर पाएंगे।

सूतक और ग्रहण के समय न करे ये काम

  • भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्ध माना गया है।
  • खाना-पीना, सोना, नाखून काटना, भोजन बनाना, तेल लगाना आदि कार्य भी इस समय वर्जित हैं।
  • इस समय झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार का वार्तालाप और मूत्र विसर्जन से परहेज करना चाहिए।
  • सूतक काल में बच्चे, बूढ़े, अस्वस्थ स्त्री आदि को उचित भोजन लेने में कोई परहेज नहीं हैं।
  • सूतक आरंभ होने से पहले ही अचार, मुरब्बा, दूध, दही अथवा अन्य खाद्य पदार्थों में कुशा तृण डाल देना चाहिए
  • जिससे ये खाद्य पदार्थ ग्रहण से दूषित नहीं होगें। अगर कुशा नहीं है तो तुलसी का पत्ता भी डाल सकते हैं।
  • घर में जो सूखे खाद्य पदार्थ हैं उनमें कुशा अथवा तुलसी पत्ता डालना आवश्यक नहीं है।
नई दिल्ली। आज यानि 27 जुलाई को सदी का सबसे लंबा चन्द्र ग्रहण लग रहा है। दुनियाभर में सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं हालांकि भारत में चंद्रग्रहण का असर देर रात 10.53 बजे से ही दिखना शुरू हो जाएगा। ग्रहण की अवधि रात्रि में 3 घंटा 56 मिनट तक मानी जा रही है। चन्द्र ग्रहण सामान्यतः पूर्णिमा के दिन लगता है, इस बार भी यह चंद्रग्रहण पूर्णिमा के दिन लग रहा है। चन्द्र ग्रहण से जुड़ी जानकारी के लिए नीचे पढ़ें।समय के साथ-साथ बदलेगा चांद का आकारमिली जानकारी के मुताबिक भारत में देर रात से चंद्रग्रहण का असर दिखना शुरू हो जाएगा। धीरे-धीरे चांद का रंग लाल होता जाएगा और एक समय ऐसा आएगा जब चांद पूरी तरह से गायब हो जाएगा।समयानुसार ऐसे दिखेगा चाँद पर असर
  • शुक्रवार रात 10.53 बजे - चांद पर ग्रहण का असर शुरू होगा लेकिन नंगी आंखों से कुछ नहीं दिखेगा।
  • 11.54 बजे - धीरे-धीरे देख सकेंगे नंगी आँखों से ग्रहण का असर
  • रात 1.51 बजे - चंद्रग्रहण अपने सर्वोच्च स्तर पर होगा, ये ही पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।
  • 2.43 बजे - धीरे-धीरे ग्रहण का असर कम होगा।
  • शनिवार सुबह 5.00 बजे - चंद्रग्रहण का असर खत्म होगा।
देश के बड़े मंदिरों के कपाट रहेंगे बंद चंद्रग्रहण की वजह से देशभर के कई बड़े मंदिर दोपहर बाद से ही बंद हो जाएंगे। हरिद्वार, वाराणसी और इलाहाबाद में हर शाम होने वाली गंगा आरती भी दोपहर में हो जायेगी। देश के कई बड़े मंदिरों में दोपहर दो बजे के बाद दर्शन नहीं कर पाएंगे।सूतक और ग्रहण के समय न करे ये काम
  • भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्ध माना गया है।
  • खाना-पीना, सोना, नाखून काटना, भोजन बनाना, तेल लगाना आदि कार्य भी इस समय वर्जित हैं।
  • इस समय झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार का वार्तालाप और मूत्र विसर्जन से परहेज करना चाहिए।
  • सूतक काल में बच्चे, बूढ़े, अस्वस्थ स्त्री आदि को उचित भोजन लेने में कोई परहेज नहीं हैं।
  • सूतक आरंभ होने से पहले ही अचार, मुरब्बा, दूध, दही अथवा अन्य खाद्य पदार्थों में कुशा तृण डाल देना चाहिए
  • जिससे ये खाद्य पदार्थ ग्रहण से दूषित नहीं होगें। अगर कुशा नहीं है तो तुलसी का पत्ता भी डाल सकते हैं।
  • घर में जो सूखे खाद्य पदार्थ हैं उनमें कुशा अथवा तुलसी पत्ता डालना आवश्यक नहीं है।