HBE Ads
  1. हिन्दी समाचार
  2. जीवन मंत्रा
  3. कोरोना काल में फेफड़े बनाने हैं स्ट्रॉंग, इन चीजों को करें अपनी डाइट में शामिल

कोरोना काल में फेफड़े बनाने हैं स्ट्रॉंग, इन चीजों को करें अपनी डाइट में शामिल

कोरोना काल में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस वायरस से शरीर के सभी अंग प्रभावित होते हैं। खासकर फेफड़े अधिक प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस के डबल म्युटेंट वैरिएंट के चलते संक्रमितों को सांस संबंधी तकलीफों का सामना करना पड़ता है।

By आराधना शर्मा 
Updated Date

उत्तर प्रदेश: कोरोना काल में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस वायरस से शरीर के सभी अंग प्रभावित होते हैं। खासकर फेफड़े अधिक प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस के डबल म्युटेंट वैरिएंट के चलते संक्रमितों को सांस संबंधी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। इस स्तिथि में ऑक्सीजन सैचुरेशन 94 से कम हो जाता है। इस वजह से देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत देखी गई थी।

पढ़ें :- Beautiful feet: खोई चमक वापस लौट आयेगी इन चीजों को लगाने से खूबसूरत दिखेंगे आपके पैर

दरअसल, कोरोना संक्रमितों का इलाज युद्धस्तर पर जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई एडवायजरी जारी कर लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें N-95 पहनना, शारीरिक दूरी का पालन करना और साफ़-सफाई का विशेष ख्याल रखना शामिल हैं। इसके अलावा, फेफड़ों को मजबूत रखना चाहते हैं, तो इन चीजों का रोजाना सेवन करें…

सेब

रोजाना एक सेब खाने से आप सेहतमंद रह सकते हैं। एमिनेंट हॉस्पिटल लंदन की एक शोध के अनुसार, डाइट में विटामिन-सी, इ, बीटा-कैरोटीन, साइट्रस फल, सेब के सेवन और फलों के जूस पीने से फेफड़े स्वस्थ और साफ रहते हैं। इन चीजों का अधिक से अधिक सेवन करें। इसके लिए आप रोजाना सेब जरूर खाएं।

फैटी फिश

पढ़ें :- Sawan Diet Plan : सावन में नहीं खाना चाहिए दही , कच्चा दूध पीने से बचना चाहिए

फैटी फिश यानी तैलीय मछली में उच्च मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड फेफड़ों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेटिव, एंटी-कार्सिनोजेनिक के गुण पाए जाते हैं। ये गुण फेफड़ों को सभी प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं। साथ ही फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

पिपली

पिपली को अंग्रेजी में लॉन्ग पेपर कहते हैं। आयुर्वेद में पिपली को दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह काली मिर्च की तरह तीखी होती है। पिपली का फल खसखस की तरह होता है। इसके तने और फल के अलावा पत्तियों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो अस्थमा सहित कई बीमारियों में सहायक सिद्ध होते हैं। इसके सेवन से फेफड़े मजबूत होते हैं।

मुलेठी

आयुर्वेद में मुलेठी को दवा माना जाता है। इसमें एंटी-डायबिटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण पाए जाते हैं। कई शोध में खुलासा हुआ है कि मुलेठी मीठा खाने की आदतों से छुटकारा दिलाने में सहयोग करता है। इसके सेवन से फेफड़े मजबूत होते हैं। इसके लिए रोजाना रात में सोने से पहले एक गिलास दूध में मुलेठी पाउडर मिलाकर सेवन करें।

पढ़ें :- Health Care: फ्रोजन फूड और पैक्ड फूड खाने खाने से शरीर को होते हैं ये नुकसान

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...