M-777 और K-9 वज्र तोप से बढी भारतीय सेना की ताकत, बेड़े में हुआ शामिल

M-777 और K-9 वज्र तोप से बढी भारतीय सेना की ताकत, बेड़े में हुआ शामिल
M-777 और K-9 वज्र तोप से बढी भारतीय सेना की ताकत, बेड़े में हुआ शामिल

M 777 Ultralight Howitzer Cannon And K 9 Vajra Cannon Will Increase The Strength Of The Indian Army

नई दिल्ली। भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण कल नासिक के करीब देवलाली में कोरिया की खास K-9 वज्र तोपों को सैन्य परंपरा के तहत भारतीय सेना में विधिवत तौर से शामिल करेंगी। इसके अलावा कल ही अमेरिका से आयात की गई M-777 लाइट होवित्जर गन (तोप) को भी भारतीय सेना में शामिल किया।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण नासिक के देवलाली तोपखाने केंद्र पर ‘K9 वज्र और M777 होवित्जर’ तोपों को शामिल करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थीं। रक्षा मंत्री ने आज सुबह ट्वीट कर कहा था कि आज 155 MM 777 A2 अल्ट्रा लाइट होवित्जर आधुनिक गन सिस्टम्स को सेना में शामिल किया जाएगा। इस मीडियम तोप को आसानी से दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी तैनात किया जा सकता है।

देवलाली में आयोजित समारोह में आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए थे। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने बताया कि K9 वज्र को 4,366 करोड़ रुपये की लागत से शामिल किया गया है। यह कार्य नवंबर 2020 तक पूरा होगा। कुल 100 तोपों में से 10 तोपों की पहली खेप की आपूर्ति इस महीने की जाएगी।

K9 की खासियत

स्वदेशी K9 वज्र की पहली रेजिमेंट को पहली बार भारतीय निजी क्षेत्र तैयार कर रहा है। देश में पहली बार किसी तोप का निर्माण हो रहा है। K9 वज्र की पूरी खेप अगले साल जुलाई तक बनकर तैयार हो जाने की पूरी उम्मीद है। इन तोपों की मारक क्षमता 28-38 किलोमीटर तक है। यह तोप महज तीस सेकेंड में अनवरत तीन राउंड की गोलाबारी कर सकती है। तीन मिनट में 15 राउंड की भीषण गोलाबारी कर सकती है और 60 मिनटों में लगातार 60 राउंड की फायरिंग भी कर सकती है।

दमदार M777 होवित्जर तोप

इसके अलावा, सेना कुल 145 M777 होवित्जर तोपों की साथ रेजिमेंट भी बनाएगी। अगस्त 2019 की शुरुआत में पांच तोपें सेना को सौंप दी जाएंगी। जबकि यह प्रक्रिया पूरी होने में 24 महीनों का वक्त लगेगा। पहली रेजिमेंट अगले साल अक्टूबर में पूरी हो जाएगी। 30 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली इस तोप को हेलीकॉप्टरों या विमान से एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जा सकेगा।

इस समारोह के दौरान 130 MM और 155 MM की तोपों को ले जाने वाले कांपैक्ट गन ट्रैक्टर को भी तोपखाने में शामिल किया जा चुका है। तोप से जुड़ने के साथ इस वाहन की अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटे और 50 किमी प्रति घंटे है।

नई दिल्ली। भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण कल नासिक के करीब देवलाली में कोरिया की खास K-9 वज्र तोपों को सैन्य परंपरा के तहत भारतीय सेना में विधिवत तौर से शामिल करेंगी। इसके अलावा कल ही अमेरिका से आयात की गई M-777 लाइट होवित्जर गन (तोप) को भी भारतीय सेना में शामिल किया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण नासिक के देवलाली तोपखाने केंद्र पर ‘K9 वज्र और M777 होवित्जर' तोपों को शामिल…