मधुबाला की खूबसूरती का साक्षी बनेगा मैडम तुसाद

नई दिल्ली।14 फरवरी 1933 को जन्मी बीते जमाने की बॉलीवुड अदाकारा मधुबाला के योगदान को सिनेमा जगत शायद ही कभी भूल पाए। उनकी खूबसूरती दशकों बाद भी हिन्दी सिनेमा प्रेमियों और अदाकारों के बीच चर्चा का विषय बन जाती है। बतौर अभिनेत्री मधुबाला के प्रशंसकों में आज तक गिरावट नहीं आई है। चलती का नाम गाड़ी, मिस्टर एंड मिसेस 55, मुगल-ए-आजम और हावड़ा ब्रिज जैसी यादगार फिल्में दे चुकीं मधुबाला अब मोम के पुतले के रूप में दिल्ली के मैडम तुसाद संग्रहालय में नजर आएंगी।

मैडम तुसाद के दिल्ली संग्राहलय में यूं तो कई फिल्मी सितारों के पुतलों को जगह मिली है लेकिन मधुबाला को ख़ास तौर पर उनके अनारकली अवतार के साथ शो-केस किया जाएगा। यह पहला अवसर है जब भारतीय सिनेमा के क्लासिकल दौर की किसी हस्ती को इस संग्राहलय की गैलरी में जगह मिलेगी।

बतातें चलें कि मैडम तुसाद का दिल्ली संग्राहलय की 22 वीं ब्रांच है। मैडम तुसाद का मुख्य संग्राहलय लंदन में स्थित है, जिसकी शुरुआत 1835 में मेरी तुसाड्स ने की थी आज यह संग्राहलय दुनिया के अलग अलग देशों में अपनी शाखाएं खोल चुका है। जिनमें जानी मानी हस्तियों के पुतले लोगों को अपनी ओर आ​कर्षित करने से नहीं चूकते।