मध्यप्रदेश: नाराजगी की चर्चाओं के बीच ज्योतिरादित्य ने उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रभारियों को दीं शुभकामनाएं

Jyotiraditya Scindia
मध्यप्रदेश: नाराजगी की चर्चाओं के बीच ज्योतिरादित्य ने उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रभारियों को दीं शुभकामनाएं

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं। दरअसल, कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्होंने अपने ट्विटर बायो से बीजेपी हटा लिया है, जबकि दूसरी तरफ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्होंने बायो में कभी बीजेपी लिखा ही नहीं था। इस बीच, अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर नियुक्त किए गए सभी प्रभारियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी का अनुभव और कार्यकर्ताओं की मेहनत भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेगा।

Madhya Pradesh Amid Discussions Of Resentment Jyotiraditya Wishes Bjp In Charge For By Election :

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद उनके समर्थक 22 विधायक भी इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इन विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी। कांग्रेस के इन 22 विधायकों के इस्तीफे से खाली हुईं सीटों समेत 24 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं। हालांकि, अभी उपचुनाव की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा नियुक्त किए गए सभी प्रभारियों को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी का अनुभव और कार्यकर्ताओं की मेहनत भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेगा।

ऐसे में सुबह ट्विटर पर यह दावा किया जाने लगा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कथित तौर पर अपने टि्वटर अकाउंट से BJP शब्द को हटा दिया है और इसकी जगह उन्होंने पब्लिक सर्वेंट लिख लिया है। हालांकि, कुछ लोग पुराने स्क्रीनशॉट बताकर दावा कर रहे हैं कि सिंधिया ने मार्च में भाजपा में शामिल होने के बाद कभी भी अपनी ट्विटर प्रोफाइल में बीजेपी का जिक्र ही नहीं किया था और उनके बायो में पब्लिक सर्वेंट ही था। इस चर्चा पर भाजपा या खुद सिंधिया की तरफ से अभी किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दरअसल, सिंधिया के ट्विटर बायो के लेकर इतना तूफान इसलिए मचा हुआ है क्योंकि उन्होंने कांग्रेस से मोहभंग होने का संकेत भी सबसे पहले इसी के जरिए दिया था। सिंधिया जब कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले थे, उसके चार महीने पहले उन्होंने ट्विटर बायो से ‘कांग्रेसी परिचय’ हटा लिया था। पिछले साल नवबंर के आखरी सप्ताह में सिंधिया ने ट्विटर अकाउंट में खुद को पब्लिक सर्वेंट और क्रिकेट प्रेमी घोषित कर दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इससे पहले अपने ट्विटर प्रोफाइल पर अपना परिचय- कांग्रेस महासचिव, गुना लोकसभा सीट से सांसद (2002-2019 तक) और पूर्व केंद्रीय मंत्री लिखा था। इसके बाद सिंधिया मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे।

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं। दरअसल, कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्होंने अपने ट्विटर बायो से बीजेपी हटा लिया है, जबकि दूसरी तरफ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्होंने बायो में कभी बीजेपी लिखा ही नहीं था। इस बीच, अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर नियुक्त किए गए सभी प्रभारियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी का अनुभव और कार्यकर्ताओं की मेहनत भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद उनके समर्थक 22 विधायक भी इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इन विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी। कांग्रेस के इन 22 विधायकों के इस्तीफे से खाली हुईं सीटों समेत 24 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं। हालांकि, अभी उपचुनाव की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा नियुक्त किए गए सभी प्रभारियों को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी का अनुभव और कार्यकर्ताओं की मेहनत भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेगा। ऐसे में सुबह ट्विटर पर यह दावा किया जाने लगा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कथित तौर पर अपने टि्वटर अकाउंट से BJP शब्द को हटा दिया है और इसकी जगह उन्होंने पब्लिक सर्वेंट लिख लिया है। हालांकि, कुछ लोग पुराने स्क्रीनशॉट बताकर दावा कर रहे हैं कि सिंधिया ने मार्च में भाजपा में शामिल होने के बाद कभी भी अपनी ट्विटर प्रोफाइल में बीजेपी का जिक्र ही नहीं किया था और उनके बायो में पब्लिक सर्वेंट ही था। इस चर्चा पर भाजपा या खुद सिंधिया की तरफ से अभी किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है। दरअसल, सिंधिया के ट्विटर बायो के लेकर इतना तूफान इसलिए मचा हुआ है क्योंकि उन्होंने कांग्रेस से मोहभंग होने का संकेत भी सबसे पहले इसी के जरिए दिया था। सिंधिया जब कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले थे, उसके चार महीने पहले उन्होंने ट्विटर बायो से 'कांग्रेसी परिचय' हटा लिया था। पिछले साल नवबंर के आखरी सप्ताह में सिंधिया ने ट्विटर अकाउंट में खुद को पब्लिक सर्वेंट और क्रिकेट प्रेमी घोषित कर दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इससे पहले अपने ट्विटर प्रोफाइल पर अपना परिचय- कांग्रेस महासचिव, गुना लोकसभा सीट से सांसद (2002-2019 तक) और पूर्व केंद्रीय मंत्री लिखा था। इसके बाद सिंधिया मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे।