मध्यप्रदेश संकट: बेंगलुरु पहुंचे दिग्विजय सिंह, बोले- विधायकों को वापस लाएंगे, सरकार भी बचाएंगे

Digvijay singh
मध्यप्रदेश संकट: बेंगलुरु पहुंचे दिग्विजय सिंह, बोले- विधायकों को वापस लाएंगे, सरकार भी बचाएंगे

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में बीते एक पखवारे से जारी सियासी घमासान के बीच आज बुधवार की सुबह कर्नाटक के बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कई नेताओं को अब अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन से कहीं और ले जाया जा रहा है। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने मीडिया कहा कि ‘मुझे नहीं पता कि मुझे कहां ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने विधायकों से मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए। मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं। दिग्विजय ने कहा कि हम सरकार भी बचाएंगे और विधायकों को भी वापस लाएंगे।

Madhya Pradesh Crisis Digvijay Singh Arrives In Bengaluru Says Will Bring Back The Legislators Will Also Save The Government :

बेंगलुरु पहुंचने के बाद दिग्विजय सिंह रामदा होटल के पास धरने पर बैठ गए थे। इसी होटल में कांग्रेस के 21 विधायक रुके हुए हैं। पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया बेंगलुरु के अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। दिग्विजय पुलिस स्टेशन में भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसे लेकर भाजपा नेता कैलाश विजवर्गीय ने दिगविजय पर तंज कसते हुए ट्वीट किया,’बेंगलुरु में नौटंकी! हमारा सौभाग्य है कि ये माननीय राजनीति में हैं। यदि बॉलीवुड में होते तो अमिताभ बच्चन जी को भी मात दे देते।

वहीं, कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि दिग्विजय सिंह पार्टी के विधायकों से मिलने आए हैं। एक विधायक ने टेलीफोन के माध्यम से उनसे संपर्क किया और यहां से बाहर निकालने का अनुरोध किया। पुलिस को उन्हें रोकने का कोई अधिकार नहीं है।

दिग्विजय के साथ कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार, सज्जन सिंह वर्मा और कांतिलाल भूरिया भी मौजूद हैं। कांग्रेस नेता सचिन यादव और कांतिलाल भूरिया को भी एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। दिग्विजय ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से 5 विधायकों से बात की, उन्होंने कहा कि वे बंदी बना लिए गए हैं। उनके फोन छीन लिया गया है। हर कमरे के सामने पुलिस तैनात है। दिन-रात उनपर नजर रखी जा रही है।’

वहीं, डीके शिवकुमार ने कहा, कर्नाटक की भाजपा सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। हमारी अपनी राजनीतिक रणनीति है, हम जानते हैं कि स्थिति को कैसे संभालना है। वह यहां अकेला नहीं हैं। मैं यहां हूं। मुझे पता है कि उनका कैसे समर्थन करना है। लेकिन मैं कर्नाटक में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब नहीं करना चाहता।

बुधवार की सुबह बंगलुरु पहुंचने पर दिग्विजय को एयरपोर्ट से लेने डीके शिवकुमार पहुंचे थे। दिग्विजय ने कहा कि मैं मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं, 26 मार्च को चुनाव होना है। मेरे विधायकों को यहां रखा गया है, वे मुझसे बात करना चाहते हैं। उनके फोन छीन लिए गए हैं। विधायकों के सुरक्षा को खतरा बताकर पुलिस मुझे उनसे बात नहीं करने दे रही है।’

सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में आज मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान की राज्य विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होगी। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने मुख्यमंत्री, स्पीकर, विधानसभा के प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश और राज्यपाल को नोटिस जारी किया था।

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में बीते एक पखवारे से जारी सियासी घमासान के बीच आज बुधवार की सुबह कर्नाटक के बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कई नेताओं को अब अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन से कहीं और ले जाया जा रहा है। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने मीडिया कहा कि 'मुझे नहीं पता कि मुझे कहां ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने विधायकों से मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए। मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं। दिग्विजय ने कहा कि हम सरकार भी बचाएंगे और विधायकों को भी वापस लाएंगे। बेंगलुरु पहुंचने के बाद दिग्विजय सिंह रामदा होटल के पास धरने पर बैठ गए थे। इसी होटल में कांग्रेस के 21 विधायक रुके हुए हैं। पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया बेंगलुरु के अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। दिग्विजय पुलिस स्टेशन में भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसे लेकर भाजपा नेता कैलाश विजवर्गीय ने दिगविजय पर तंज कसते हुए ट्वीट किया,'बेंगलुरु में नौटंकी! हमारा सौभाग्य है कि ये माननीय राजनीति में हैं। यदि बॉलीवुड में होते तो अमिताभ बच्चन जी को भी मात दे देते। वहीं, कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि दिग्विजय सिंह पार्टी के विधायकों से मिलने आए हैं। एक विधायक ने टेलीफोन के माध्यम से उनसे संपर्क किया और यहां से बाहर निकालने का अनुरोध किया। पुलिस को उन्हें रोकने का कोई अधिकार नहीं है। दिग्विजय के साथ कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार, सज्जन सिंह वर्मा और कांतिलाल भूरिया भी मौजूद हैं। कांग्रेस नेता सचिन यादव और कांतिलाल भूरिया को भी एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। दिग्विजय ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से 5 विधायकों से बात की, उन्होंने कहा कि वे बंदी बना लिए गए हैं। उनके फोन छीन लिया गया है। हर कमरे के सामने पुलिस तैनात है। दिन-रात उनपर नजर रखी जा रही है।' वहीं, डीके शिवकुमार ने कहा, कर्नाटक की भाजपा सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। हमारी अपनी राजनीतिक रणनीति है, हम जानते हैं कि स्थिति को कैसे संभालना है। वह यहां अकेला नहीं हैं। मैं यहां हूं। मुझे पता है कि उनका कैसे समर्थन करना है। लेकिन मैं कर्नाटक में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब नहीं करना चाहता। बुधवार की सुबह बंगलुरु पहुंचने पर दिग्विजय को एयरपोर्ट से लेने डीके शिवकुमार पहुंचे थे। दिग्विजय ने कहा कि मैं मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं, 26 मार्च को चुनाव होना है। मेरे विधायकों को यहां रखा गया है, वे मुझसे बात करना चाहते हैं। उनके फोन छीन लिए गए हैं। विधायकों के सुरक्षा को खतरा बताकर पुलिस मुझे उनसे बात नहीं करने दे रही है।' सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान की राज्य विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होगी। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने मुख्यमंत्री, स्पीकर, विधानसभा के प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश और राज्यपाल को नोटिस जारी किया था।