मध्यप्रदेश संकट: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की कांग्रेस विधायक के भाई की याचिका

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सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडिया' को 'भारत' कहने वाले मामले में दखल देने से किया इनकार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी के भाई की याचिका खारिज कर दी है। याचिका में विधायक को छोड़ने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया था उनके भाई और अन्य विधायकों को भाजपा और कर्नाटक पुलिस ने जबरन बंधक बना रखा है।

Madhya Pradesh Crisis Supreme Court Petition Of Khariks Brother Of Congress Mla :

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक अन्य याचिका में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की मांग की थी। इस याचिका पर आज दोपहर बाद सुनवाई होनी है। मंगलवार को अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने मुख्यमंत्री, स्पीकर, विधानसभा के प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश और राज्यपाल को नोटिस जारी किया था।

वहीं, आज सुबह बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और अन्य नेताओं को हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया गया है। इसके बाद वे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे हैं। इनके साथ कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार, मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता सज्जन सिंह वर्मा भी साथ में हैं।  बेंगलुरु पहुंचने के बाद दिग्विजय सिंह रामदा होटल के पास धरने पर बैठ गए थे। इसी होटल में कांग्रेस के 21 विधायक हैं। पुलिस ने इसके बाद उन्हें एहतियात को तौर पर हिरासत में ले लिया और उन्हे बेंगलुरु के अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया था।

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी के भाई की याचिका खारिज कर दी है। याचिका में विधायक को छोड़ने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया था उनके भाई और अन्य विधायकों को भाजपा और कर्नाटक पुलिस ने जबरन बंधक बना रखा है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक अन्य याचिका में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की मांग की थी। इस याचिका पर आज दोपहर बाद सुनवाई होनी है। मंगलवार को अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने मुख्यमंत्री, स्पीकर, विधानसभा के प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश और राज्यपाल को नोटिस जारी किया था। वहीं, आज सुबह बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और अन्य नेताओं को हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया गया है। इसके बाद वे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे हैं। इनके साथ कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार, मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता सज्जन सिंह वर्मा भी साथ में हैं।  बेंगलुरु पहुंचने के बाद दिग्विजय सिंह रामदा होटल के पास धरने पर बैठ गए थे। इसी होटल में कांग्रेस के 21 विधायक हैं। पुलिस ने इसके बाद उन्हें एहतियात को तौर पर हिरासत में ले लिया और उन्हे बेंगलुरु के अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया था।