अवैध रेत खदान धंसने से 5 मजदूरों की मौत, मचा हड़कम्प

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मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के बड़दा गांव में रेत खदान धसने से पांच मजदूरों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर रेत खदान में अवैध रूप से काम कर रहे थे। उसी दौरान यहां यह खदान धंस गई और पांच मजदूर इसमें फंस गए जिससे पांचों की मौत हो गई।

Madhya Pradesh Five Labourers Dead In An Illegal Sand Mining In Badwani :

घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की पहचान प्रभु रामदास कोली, लल्लू बाबू कोली, परसराम मायाराम कोली, लखन धुरजी मानकर और राकेश रमेश मानकर के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक ये सभी ही मजदूर एक अवैध रेत खदान में काम कर रहे थे जिसके धसने से इनकी मौत हो गई। वहीं बड़ी घटनाओं के बाद प्रशासन के जागने की बरसों पुरानी आदत अभी भी जारी है। छोटा बडदा में खदान धंसने से 5 मजदूरों की मौत और परसो रात गृह मंत्री बाला बच्चन द्वारा दिखा गए सख्त तेवर के बाद एकदम से जिला प्रशासन हरकत में आया और आज नर्मदा किनारे अवैध रूप से संग्रहण की गई बालू रेत को जब्त करने के साथ साथ खनिज निरीक्षक शांतिलाल निनामा को कलेक्टर द्वारा निलंबित किए जाने के साथ ही पुलिस अधीक्षक ने अंजड़ थाने पर पदस्थ आरक्षक सुमित और विनोद को निलंबित कर दिया है।

वहीं पुलिस द्वारा कहा जा रहा है कि राजस्व माइनिंग और पुलिस द्वारा खनिज माफियाओं और अवैध संग्रह के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अंजड़ के नंद गांव और ब्राह्मण गांव में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 10 ट्रेक्टरों को जब्त किया था।

वहीं कल नर्मदा किनारे के 3 गांव नंद गांव पेंड्रा और कल्याणपुरा में दबिश देकर रेत का अवैध संग्रहण को जब्त किया है लेकिन सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इन दोनों कार्रवाई में पुलिस के हाथ अब तक कोई भी आरोपी नहीं लगा है। यही नहीं छोटा बड़दा की घटना में 6 आरोपियों में से पुलिस मात्र दो ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई है। जब तक पुलिस खनन माफियाओं पर शिकंजा नहीं कसेगी तब तक इन कार्रवाइयों का कोई औचित्य नहीं और ना ही अवैध खनन रुक पायेगा।

मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के बड़दा गांव में रेत खदान धसने से पांच मजदूरों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर रेत खदान में अवैध रूप से काम कर रहे थे। उसी दौरान यहां यह खदान धंस गई और पांच मजदूर इसमें फंस गए जिससे पांचों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की पहचान प्रभु रामदास कोली, लल्लू बाबू कोली, परसराम मायाराम कोली, लखन धुरजी मानकर और राकेश रमेश मानकर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक ये सभी ही मजदूर एक अवैध रेत खदान में काम कर रहे थे जिसके धसने से इनकी मौत हो गई। वहीं बड़ी घटनाओं के बाद प्रशासन के जागने की बरसों पुरानी आदत अभी भी जारी है। छोटा बडदा में खदान धंसने से 5 मजदूरों की मौत और परसो रात गृह मंत्री बाला बच्चन द्वारा दिखा गए सख्त तेवर के बाद एकदम से जिला प्रशासन हरकत में आया और आज नर्मदा किनारे अवैध रूप से संग्रहण की गई बालू रेत को जब्त करने के साथ साथ खनिज निरीक्षक शांतिलाल निनामा को कलेक्टर द्वारा निलंबित किए जाने के साथ ही पुलिस अधीक्षक ने अंजड़ थाने पर पदस्थ आरक्षक सुमित और विनोद को निलंबित कर दिया है। वहीं पुलिस द्वारा कहा जा रहा है कि राजस्व माइनिंग और पुलिस द्वारा खनिज माफियाओं और अवैध संग्रह के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अंजड़ के नंद गांव और ब्राह्मण गांव में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 10 ट्रेक्टरों को जब्त किया था। वहीं कल नर्मदा किनारे के 3 गांव नंद गांव पेंड्रा और कल्याणपुरा में दबिश देकर रेत का अवैध संग्रहण को जब्त किया है लेकिन सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इन दोनों कार्रवाई में पुलिस के हाथ अब तक कोई भी आरोपी नहीं लगा है। यही नहीं छोटा बड़दा की घटना में 6 आरोपियों में से पुलिस मात्र दो ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई है। जब तक पुलिस खनन माफियाओं पर शिकंजा नहीं कसेगी तब तक इन कार्रवाइयों का कोई औचित्य नहीं और ना ही अवैध खनन रुक पायेगा।