Paytm के खिलाफ दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मामला

भोपाल। कैशलेश व्यवस्था को बढ़ावा देने वाली पेटीएम कम्पनी के ख़िलाफ मध्य प्रदेश पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पेटीएम के अलावा और कई ई-वालेट पोर्टल्स के खिलाफ पूरे राज्य में 300 से भी ज्यादा धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से मीडिया को बताया कि पेटीएम के डायरेक्टर विजय शेखर शर्मा और हरेंद्र पाल सिंह के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है। इनके अलावा जीनोन वैल्यू सर्विस प्राइवेट लिमिटेड,डिजायनिंग हब जैसी कम्पनियों के खिलाफ़ भी मामले दर्ज किए गये है।




एमपी पुलिस का कहना है कि फ्रॉड करने वाले पेटीएम का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए कर रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि फ्रॉड करने वाले सबसे ज्यादा बैंक मेनेजर या किसी प्लेसमेंट कंपनी के अधिकारी के तौर पर ई-वालेट का इस्तेमाल करने वालों को संपर्क करते हैं। पेटीएम जैसी कंपनियों के पास भी उन अकाउंट्स की जानकारी है जिनमें इस तरह की धोखाधड़ी हुई है। जिनमें इस तरह की धोखाधड़ी हुई है।




फ्राड करने वाले ग्राहकों से छोटी राशि के भुगतान के बदले नौकरी दिलाने का वादा करते हैं। उस राशि का भुगतान ग्राहकों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए करने को कहा जाता है। बातचीत में वह ग्राहक से एटीएम कार्ड में कुछ दिक्कत होने की बात कह कर उनसे एटीएम पिन प्राप्त कर बैंक में मौजूद राशि निकाल लेते हैं। अभी तक धोखाधड़ी कर 20 लाख रूपये की हेरीफेरी की जा चुकी है, जिसमे पूरे राज्य में 300 से अधिक के मामले सामने आए है।

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