फिर से फेल हुआ मैगी सैंपल, नेस्ले कंपनी पर लगा 45 लाख का जुर्माना

शाहजहांपुर। एक बार फ़िर मैगी के सैम्पल फेल होने पर खाद्य विभाग प्रशासन ने कड़ी कार्यवाई करते हुए नेस्ले कंपनी समेत डिस्ट्रीब्यूटर और विक्रेताओं पर 62 लाख का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर यह जुर्माना मैगी ब्रांड के कई उत्पादों के नमूनों की राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला में जांच कराए जाने पर उनमें एश कंटेट (धातु भस्म) की मात्रा निर्धारित मानक से ज्यादा मात्रा से अधिक पाए जाने पर लगाया गया है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी मई 2015 में उत्तर प्रदेश के खाद्य विभाग द्वारा मैगी के जाँच के दौरान पता चला था कि इसमें 0.17 पीपीएम सीसा है साथ ही इसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट पाया गया था। कंपनी ने मोनोसोडियम ग्लूटामेट के होने से इंकार कर दिया था लेकिन कुछ अन्य स्थानों में जाँच करने पर भी विभाग को इसी प्रकार के परिणाम मिले। इसके बाद कंपनी पर केस दर्ज कर दिया गया था।

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लंबे समय तक लगे प्रतिबंध के बाद फ़िर से मैगी ने बाजार में आते ही धूम मचा दी थी। शाहजहांपुर जिलाप्रशासन जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि मैगी बच्चे ज्यादा खाते हैं लिहाजा धातु की ज्यादा मात्रा उनके सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। मैगी सैम्पल फेल होने पर 45 लाख का जुर्माना नेस्ले कम्पनी पर लगाया गया है जबकि डिस्ट्रीब्यूटर समेत छ बिक्रेताओं पर 17 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

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