महाशिवरात्रि 2018: भगवान शिव को ऐसे करें प्रसन्न, चढ़ाएं ये चीज

महाशिवरात्रि 2018: भगवान शिव को ऐसे करें प्रसन्न, चढ़ाएं ये चीज
महाशिवरात्रि 2018: भगवान शिव को ऐसे करें प्रसन्न, चढ़ाएं ये चीज

नई दिल्ली। महाशिवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है। भोले बाबा के भक्तों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है और इस दिन भगवान को खुश करने में कोई भी भक्त कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। मान्यता के अनुसार हिंदू कैलेंडर के फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन रुद्राभिषेक का खास महत्व होता है और इस दिन भगवान शिव के पूजन से सभी रोग और शारीरिक दोष समाप्त हो जाते हैं। पौराणिक मान्यतानुसार माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा था कि आप किस वस्तु से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं तो भगवान शिव ने कहा था कि जो भक्त उनके लिए श्रद्धाभाव से व्रत करता है उनसे वो सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं। शिवपुराण के अनुसार शिव का अभिषेक गंगाजल या दूध से किया जाता है और व्रत करके उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। भगवान शिव हर भक्त की मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं।

Maha Shivaratri How To Worship Lord Shiva Know What Offering To Pleased Bholenath :

इन चीजों से प्रसन्न होते है भोले बाबा

  • महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की मूर्तियों का अभिषेक किया जाता है, यह अभिषेक दूध, गुलाब जल, चंदन, दही, शहद, चीनी और पानी जैसी सामग्रियों से किया जाता है।
  • शिवरात्रि के दिन व्रत करने वाले लोगों को जूस और फलों के अलावा किसी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • व्रती दिनभर शिव मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय:’ का जाप करें तथा पूरा दिन निराहार रहें। रोगी, अशक्त और वृद्ध दिन में फलाहार लेकर रात्रि पूजा कर सकते हैं।
  • शिवपुराण में रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा का विधान है। माना जाता है कि इस दिन शिवपुराण का पाठ सुनना चाहिए। रात को जागरण कर शिवपुराण का पाठ सुनना हर व्रती का धर्म माना गया है।
  • श्री महाशिवरात्रि व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। स्नान, वस्त्र, धूप, पुष्प और फलों के अर्पण करें, इसलिए इस दिन उपवास करना अति उत्तम माना जाता है।
  • रात को शिव चालीसा का पाठ करें। प्रत्येक पहर की पूजा का सामान अलग से होना चाहिए।
  • भगवान शिव को दूध, दही, शहद, सफेद पुष्प, सफेद कमल पुष्पों के साथ ही भांग, धतूरा और बिल्व पत्र अति प्रिय हैं।
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है। भोले बाबा के भक्तों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है और इस दिन भगवान को खुश करने में कोई भी भक्त कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। मान्यता के अनुसार हिंदू कैलेंडर के फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन रुद्राभिषेक का खास महत्व होता है और इस दिन भगवान शिव के पूजन से सभी रोग और शारीरिक दोष समाप्त हो जाते हैं। पौराणिक मान्यतानुसार माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा था कि आप किस वस्तु से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं तो भगवान शिव ने कहा था कि जो भक्त उनके लिए श्रद्धाभाव से व्रत करता है उनसे वो सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं। शिवपुराण के अनुसार शिव का अभिषेक गंगाजल या दूध से किया जाता है और व्रत करके उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। भगवान शिव हर भक्त की मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं।इन चीजों से प्रसन्न होते है भोले बाबा
  • महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की मूर्तियों का अभिषेक किया जाता है, यह अभिषेक दूध, गुलाब जल, चंदन, दही, शहद, चीनी और पानी जैसी सामग्रियों से किया जाता है।
  • शिवरात्रि के दिन व्रत करने वाले लोगों को जूस और फलों के अलावा किसी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • व्रती दिनभर शिव मंत्र 'ॐ नमः शिवाय:' का जाप करें तथा पूरा दिन निराहार रहें। रोगी, अशक्त और वृद्ध दिन में फलाहार लेकर रात्रि पूजा कर सकते हैं।
  • शिवपुराण में रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा का विधान है। माना जाता है कि इस दिन शिवपुराण का पाठ सुनना चाहिए। रात को जागरण कर शिवपुराण का पाठ सुनना हर व्रती का धर्म माना गया है।
  • श्री महाशिवरात्रि व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। स्नान, वस्त्र, धूप, पुष्प और फलों के अर्पण करें, इसलिए इस दिन उपवास करना अति उत्तम माना जाता है।
  • रात को शिव चालीसा का पाठ करें। प्रत्येक पहर की पूजा का सामान अलग से होना चाहिए।
  • भगवान शिव को दूध, दही, शहद, सफेद पुष्प, सफेद कमल पुष्पों के साथ ही भांग, धतूरा और बिल्व पत्र अति प्रिय हैं।