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Maha Shivratri 2022 : महाशिवरात्रि पर इन 5 ग्रहों का है महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Maha Shivratri 2022 : भगवान शिव (Lord Shankar)और माता पार्वती (Mother Parvati( के मिलन उत्सव को महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) पर्व के रूप में मनाते हैं। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि इस दिन भगवान शंकर (Lord Shankar) की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बता दें कि इस साल 2022 को महाशिवरात्रि का पर्व 1 मार्च, मंगलवार को पड़ रहा है। भोलेनाथ को समर्पित महाशिवरात्रि 2022 (Maha Shivratri 2022) के दिन पंचग्रही योग बनने से इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Maha Shivratri 2022 : भगवान शिव (Lord Shankar)और माता पार्वती (Mother Parvati( के मिलन उत्सव को महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) पर्व के रूप में मनाते हैं। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि इस दिन भगवान शंकर (Lord Shankar) की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बता दें कि इस साल 2022 को महाशिवरात्रि का पर्व 1 मार्च, मंगलवार को पड़ रहा है। भोलेनाथ को समर्पित महाशिवरात्रि 2022 (Maha Shivratri 2022) के दिन पंचग्रही योग बनने से इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है।

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जानिए भगवान शंकर की पूजा विधि (Worship method of Lord Shankar) और शुभ मुहूर्त-

ग्रहों का शुभ संयोग

महाशिवरात्रि पर इस साल ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। मकर राशि के बारहवें भाव में पंचग्रही योग का निर्माण हो रहा है। इस राशि में मंगल, बुध, शुक्र, चंद्रमा और शनि विराजमान होंगे।

महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त 2022

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महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से दोपहर 02 बजकर 53 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा। शाम 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा।

महाशिवरात्रि पूजा विधि

1. मिट्टी या तांबे के लोटे में पानी या दूध भरकर ऊपर से बेलपत्र, आक-धतूरे के फूल, चावल आदि जालकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।

2. महाशिवरात्रि के दिन शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। साथ ही महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।

3. शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि का पूजा निशील काल में करना उत्तम माना गया है। हालांकि भक्त अपनी सुविधानुसार भी भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।

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