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महराजगंज:मधवलिया गोसदन में पांच दिन में 52 गोवंशीय पशुओं की मौत

Maharajganj 52 Cattle Animals Die In Five Days In Madhawalia Gosad

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

महराजगंज:: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के गोसदन मधवलिया में गोवंशीय पशुओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है। आये दिन गोसदन से गोवंशीय पशुओं की मौत की खबर आने के बाद भी जिला प्रशासन की तन्द्रा नहीं टूट रही है। बुधवार को दिन 14 गायों की मौत के बाद पिछले पांच दिनों में गायों के मौत का आंकडा 52 तक पहुंच गया।

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मिली जानकारी के मुताबिक एक जून को 6 , दो जून को 17 , तीन जून को 15, पांच जून को 14 गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है। इस गोसदन में वर्ष 2017-18 में भी 130 गोवंशीय पशुओं की मौत हुई थी ।

लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते गोसदन में प्रति दिन बेजुबान बेमौत मर रहे है। गोसदन में न तो पर्याप्त चारे की व्यवस्था है और ना ही गोवंशीय पशुओं के बेहतर रख रखाव का। शेड में भीड और गर्मी से परेशान गाय व बछडों को सही समय पर इलाज भी नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते मौतों का आंकडा तेजी से बढता जा रहा है।

जिला गोसदन मधवलिया के पास 500 एकड़ भूमि है। इसमें से करीब 180 एकड भूमि को वार्षिक लीज पर देकर उसमे खेती करायी जाती है और उससे होनी वाली आय से ही गोसदन की व्यवस्था का संचालन होता है। इसके बावजूद गो सदन की दुर्व्यवस्था की खबरें जब-तब आती रहती हैं। गोसदन की बेहतरी को लेकर शासन और प्रशासन ने पहल तो शुरु की थी लेकिन शुरु में पहल पर अमल करने वाले अफसर अब गोसदन की ओर झांकना भी गंवारा नहीं समझते।

गोरखपुर मण्डल में बढे छुट्टा पशुओं के आतंक के बाद अफसरों के आदेश पर उन्हे जिला गोसदन मधवलीया भेजा जा रहा है । मण्डल भर से छुट्टा गायों की बडी खेप के साथ उनके चारे पाने के लिए कुछ बजट भी नगर निगम गोरखपुर ने गोसदन मधवलिया को दिया था लेकिन 1000 गायों की क्षमता वाले इस गोसदन में मौजूदा समय में करीब ढाई हजार गाय, बछडे व सांड रह रहे हैं. गोसदन में गाय व सांड की संख्या बढने से गोसदन का चारा भी समय से पहले ही खत्म हो गया. डेढ़ माह से गोसदन के गायों को हरा चारा नहीं मिला है. गर्मी बढने के साथ ही चारे-पानी के आभाव में गोवंशीय पशु दम तोड़ रहे हैं.

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एसडीएम देवेन्द्र कुमार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में गोसदन में गायों की मौत हुई है. मरने वाली अधिकतर गायें बूढी और कमजोर थीं. नगर निगम गोरखपुर से लाये गये सांड प्लास्टिक खाने की वजह से बीमार थे. मरे गोवंशीय पशुओं का पोस्टमार्टम करा कर शव को दफना दिया गया है.

  • जनवरी से प्रबंधक विहिन है जिला गोसदन

जिला गोसदन मधवलिया के पूर्व प्रबंधन जितेन्द्र पाल सिंह को 28 जनवरी 2019 को ही डीएम ने हटा दिया था.उनके स्थान पर नये प्रबंधक की नियुक्ति तक गोसदन का प्रभार एसडीएम के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय कमेटी को दी गई थी लेकिन अफसरों ने गोसदन की व्यवस्था के बेहतरी को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जिसके चलते चारे-पानी के आभाव में आये दिन गोवंशीय पशुओं की मौत हो रही है।

  • डेढ़ महीने से गायों को नहीं मिला हरा चारा

करीब पांच सौ एकड में फैले जिला गोसदन मधवलिया के गायों को डेढ़ माह से हरा चारा नहीं मिला. गोसदन के मजदूरों ने बताया कि करीब आठ एकड में हरे चारे की बुआई हुई थी लेकिन पशुओं की संख्या अधिक होने के नाते चारा जल्द ही खत्म हो गया. भूसा भी पर्माप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है.

  • 22 गोसेवकों को 4 महीने से नहीं मिला मानदेय

जिला गोसदन मधवलिया में रहने वाले करीब ढाई हजार गोवंशीय पशुओं की निगरानी व उनके चारे पानी के प्रबंध के लिए गोसदन में दो सुपरवाइजर समेत 22 गोसेवकों को रखा गया है जिन्हे जनवरी के बाद से ही मानदेय नहीं मिला है। इसे लेकर भी गोसेवकों में असंतोष है।

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