1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्‍थापक जनरल बिपिन रावत बोले- हमारा देश नए भारत के रूप में उभरकर सामने आ रहा है

महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्‍थापक जनरल बिपिन रावत बोले- हमारा देश नए भारत के रूप में उभरकर सामने आ रहा है

Maharana Pratap Education Council Founder General Bipin Rawat Said Our Country Is Emerging As A New India

By ravijaiswal 
Updated Date

पढ़ें :- भारत में कोरोना वैक्सीनेशन की धीमी शुरुआत...चिंता की बात ?

गोरखपुरः गोरखनाथ मंदिर द्वारा संचालित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्‍थापक सप्‍ताह समारोह का उद्घाटन शुक्रवार को भव्‍य रूप से हुआ. इस अवसर पर भव्‍य शोभायात्रा निकाली गई. महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले विभिन्‍न शिक्षण संस्‍थानों के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गई शोभायात्रा में प्रस्‍तुत झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया. इस अवसर पर मुख्‍य अतिथि के रूप में उपस्थित चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ भारत जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हमारा देश अब नए भारत के रुप में उभर कर सामने आने वाला है. बच्चे हमारे भविष्य है और देश कैसे उन्नति करेगा, ये इनके ऊपर निर्भर करता है. अपनी सोच को ऊँचा रखिए, तारों तक पहुचने की सोच से ही आप चाँद तक पहुँच पाएंगे.

महाराणा प्रताप इंटर कालेज के प्रांगण में आयोजित समारोह में पहुंचे जनरल बिपिन रावत ने गार्ड ऑफ ऑनर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उन्‍होंने ध्‍वजारोहण किया. मंच पर पहुंचने के बाद उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के साथ महाराणा प्रताप, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की दिव्‍य आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण और नवीन मंच का अनावरण किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने जनरल रावत को स्‍मृति चिह्न देकर सम्‍मानित किया. इसके बाद जनरल रावत ने भी मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को स्‍मृति चिह्न भेंट किया. इस अवसर पर निकली भव्‍य शोभायात्रा में छात्र-छात्राओं ने कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करने का संदेश दिया. उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मुखौटे पहनकर सेनेटाइजर, मास्‍क और ग्‍लब्‍स के साथ सोशल डि‍स्‍टेंसिंग के पालन का संदेश दिया.

जनरल विपिन रावत ने कहा कि आज आपके बीच आकर मुझे अपना स्कूल याद आ रहा है. 45 साल पहले टेक्नोलॉजी नहीं थी. आप लोग भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखकर आपको शिक्षण प्रणाली दिया जा रहा है, उससे आप सब भाग्यशाली हैं. आज समय आ गया है कि हम अपनी पहचान को दोबारा लौटाएं और अपनी शिक्षण संस्थाओं को अपनी संस्कृति से जोड़कर रखें. रोज की दिनचर्या में अगर आगे कोई मुसीबत नही पड़ रही है, तो समझें कि आप गलत रास्ते पर हैं. हम सबमें कुछ गुण और अवगुण होते हैं. आपको अपने गुणों को लेकर आगे बढ़ना है. हम जब स्कूल में होते हैं, तो किसी को अपना आइकॉन मानते हैं, वो सही मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति हो. असफलता ही सफलता का मार्ग प्रशस्‍त करती है. इसलिए असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है. सकारात्‍मक रूप से आगे बढ़ने की जरूरत है. क्‍योंकि देश का भविष्‍य युवाओं के कंधों पर ही टिका है. उन्‍होंने कहा कि बातचीत में हमेशा मैं की जगह हम का प्रयोग करें. आगे चलने वाले बच्चों को अपने पीछे वाले बच्चों को भी आगे ले जाना चाहिये. हर व्यक्ति को किसी न किसी व्यक्ति से प्रेरणा प्राप्त होती है और उससे वह सफलता प्राप्त करता है. शिक्षा और ज्ञान दोनों में फर्क को समझने की जरूरत है.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हुए कहा कि इस वर्ष देश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है. हमारी रक्षा सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा पूरी मजबूती के साथ कर रही है. कहीं भी देश के अंदर कोई कमजोरी न देखने को मिले. पगपग पर भारत की रक्षा सेनाएं किस मजबूती के साथ भारत के गौरव को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है वो अभिनंदनीय है. इस देश में इस वर्ष अनेक अन्य उपलब्धियां हासिल की हैं. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण प्रारंभ इसी वर्ष शुरू हुआ और यह प्रयास भारत की जनता का था. अयोध्‍या में 500 साल बाद भगवान श्रीराम के भव्‍य मंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने रखी है.

पढ़ें :- ट्रैक्टर रैली पर हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा-दिल्ली पुलिस तय करे क्या करना है

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि इस देश को एक लंबे समय के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल ज्ञान के सैद्धांतिक पक्ष को ध्यान में रखकर के नहीं बनाई गई है. बल्कि ज्ञान का व्यावहारिक जीवन में क्या महत्व होता है, इसका को भी ध्यान में रखकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति का गठन किया गया है. अगले 10 से 11 सालों में सभी संस्थाओं में एक नई चुनौती होगी. जब महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपना 100 साल पूरा कर रहा होगा. तब आपके सामने कई सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों की चुनौती होगी.

आज इस मंच पर महंत दिग्विजय नाथ, महंत अवेद्यनाथ और गुरु गोरखनाथ की प्रतिमाएं भी इस मंच पर स्थापित हुई हैं. उनका लोकार्पण अभी समारोह के मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आज यहां पर संपन्न हुआ है. ये प्रतिमाएं सिर्फ एक आम प्रतिमाएं नहीं हैं. बल्कि इनसे हमें सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में व्यक्तिगत जीवन में भी एक नई ऊर्जा एक नई प्रेरणा प्राप्त होती है.

कोविड काल मे आज आम आदमी मोदी जी के नेतृत्व में पूरी मजबूती के साथ इस महामारी से जूझता हुआ, लड़ता हुआ आगे बढ़ रहा है. ये किसी भी आपदा से लड़ने की एक नई शक्ति, एक नई ऊर्जा देशवासियों को प्रदान करता है. हम सब को कोरोना ने कुछ अवसर भी दिए. आज हर एक नागरिक बचाव के साथ-साथ उन रास्तों को तलाश करने के लिए भी, चाहे वह मजबूरी में ही सही, और चाहे कार्यपद्धति को आसान करने के लिए सही, उसने तकनीक के महत्व को समझना प्रारंभ किया है.

हमने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफलाइटिस जैसी महामारी से एक बड़ी लड़ाई लड़ी है और इंसेफलाइटिस के खिलाफ उत्तर प्रदेश की लड़ाई में सफलता की नई ऊंचाइयों को इस वर्ष प्राप्त किया. 1977 से लेकर के 2017 तक कोई वर्ष ऐसा नहीं था, जब प्रदेश के अंदर 600 से लेकर के 1500 मौतें केवल 3 महीने के अंदर होती थी. जुलाई से लेकर के सितंबर के बीच में इतनी मौतें हो जाती थी. लेकिन पिछले 3 वर्षों के दौरान हम लोगों ने प्रदेश के अंदर अंतर विभागीय समन्वय, स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक करना, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना, अंतर विभागीय समन्वय के माध्यम से हर एक विभाग को जवाबदेही के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ाया और जन समुदाय को उसके साथ जोड़ने का परिणाम रहा की इंसेफलाइटिस की मौतों पर काबू करने में प्रदेश सरकार को 95 फीसदी सफलता प्राप्त हुई.

कार्यक्रम में उत्‍तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्‍थापना कर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने पूर्वी यूपी के साथ उत्‍तर प्रदेश में शिक्षा की अलख जगाई है. उन्‍होंने कहा कि आज ये पौध एक बटवृक्ष का रूप ले चुकी है. उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने शिक्षा के माध्‍यम से जिस सकारात्‍मक सोच के साथ जो सपना देखा था, यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को सकारात्‍मकता के साथ आगे बढ़कर उसे पूरा होना होगा. इस अवसर पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्‍यक्ष पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह ने सभी का स्‍वागत किया. डा. श्रीभगवान सिंह ने संचालन और डा. शैलेन्‍द्र प्रताप सिंह ने धन्‍यवाद ज्ञापन‍ किया.

पढ़ें :- यूपी को सौगातः पीएम बोले-प्रधानमंत्री आवास योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर, गरीबों को घर देना हमारा लक्ष्य

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...