महाराष्ट्र संकट: राउत बोले, यह न्याय, अधिकार और सत्य की लड़ाई है

Sanjay raut
महाराष्ट्र संकट: राउत बोले, यह न्याय, अधिकार और सत्य की लड़ाई है

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर 12 दिनों से जारी गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने दुष्यंत कुमार का शेर शेयर करते हुए कहा है, सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।

Maharashtra Crisis Raut Said This Fight For Justice Rights And Truth :

संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। महाराष्ट्र में राजनीति की सूरत बदल रही है। आप जिसे हंगामा कहते हैं वो हंगामा नहीं है वो न्याय, अधिकार और सत्य की लड़ाई है। आप देखेंगे कि महाराष्ट्र में जल्द ऐसी सरकार बनेगी, ऐसा मुख्यमंत्री बनेगा जिसके बाद जनता और आप भी कहेंगे महाराष्ट्र की सूरत बदल गई है।

संजय राउत ने सोमवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि शिवसेना राज्य में सरकार बनाने में कोई बाधा नहीं डाल रही है। उन्होंने कहा कि जिसके पास भी बहुमत है उसे सरकार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। संजय राउत की राज्यपाल से यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब विभागों के समान बंटवारे और ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी बनी हुई है।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक राउत ने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में नयी सरकार के गठन में कोई बाधा पैदा नहीं कर रही है। राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा हुई थी।

विधायक का दावा 25 एमएलए बीजेपी के साथ
बता दें कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनावों में भाजपा ने 105 सीटों, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की। महाराष्ट्र में भाजपा को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक रवि राणा ने दावा किया कि शिवसेना के ”करीब 25 विधायक अगली सरकार के गठन के लिए उनके संपर्क में हैं। उन्होंने शिवसेना को ”बहुत अभिमानी करार दिया और कहा कि यदि फड़णवीस अगर बिना शिवसेना के सरकार बनाते हैं तो लगभग दो दर्जन विधायक भाजपा में शामिल हो जाएंगे।

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर 12 दिनों से जारी गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने दुष्यंत कुमार का शेर शेयर करते हुए कहा है, सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए। संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। महाराष्ट्र में राजनीति की सूरत बदल रही है। आप जिसे हंगामा कहते हैं वो हंगामा नहीं है वो न्याय, अधिकार और सत्य की लड़ाई है। आप देखेंगे कि महाराष्ट्र में जल्द ऐसी सरकार बनेगी, ऐसा मुख्यमंत्री बनेगा जिसके बाद जनता और आप भी कहेंगे महाराष्ट्र की सूरत बदल गई है। संजय राउत ने सोमवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि शिवसेना राज्य में सरकार बनाने में कोई बाधा नहीं डाल रही है। उन्होंने कहा कि जिसके पास भी बहुमत है उसे सरकार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। संजय राउत की राज्यपाल से यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब विभागों के समान बंटवारे और ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी बनी हुई है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के कार्यकारी संपादक राउत ने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में नयी सरकार के गठन में कोई बाधा पैदा नहीं कर रही है। राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा हुई थी। विधायक का दावा 25 एमएलए बीजेपी के साथ बता दें कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनावों में भाजपा ने 105 सीटों, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की। महाराष्ट्र में भाजपा को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक रवि राणा ने दावा किया कि शिवसेना के ''करीब 25 विधायक अगली सरकार के गठन के लिए उनके संपर्क में हैं। उन्होंने शिवसेना को ''बहुत अभिमानी करार दिया और कहा कि यदि फड़णवीस अगर बिना शिवसेना के सरकार बनाते हैं तो लगभग दो दर्जन विधायक भाजपा में शामिल हो जाएंगे।