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महाराष्ट्र: गन्ने के खेत में काम करने वाली 4605 महिलाओं के गर्भाशय निकाले, ताकि ना देना पड़े जुर्माना

Maharashtra Government Panel To Probe Beed Hysterectomy Cases

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के बीड जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां महज महिलाओं से लगातार काम कराने के चक्कर में उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। इस बात खुलासा स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र विधानसभा में किया है। उन्होने बताया कि बीड जिले में गन्ने की खेती में काम करने वाली 4,605 महिलाओं के गर्भाशय निकाल दिए गए, ऐसा इसलिए किया गया ताकि माहवारी के चलते उनके काम में ढिलाई न आए और जुर्माना न भरना पड़े।

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मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एक समिति बीड जिले में गर्भाशय निकालने की जांच करेगी। बीड जिले के सिविल सर्जन की अध्यक्षता में गठित समिति ने पाया कि ऐसे ऑपरेशन 2016-17 से 2018-19 के बीच 99 निजी अस्पतालों में किए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने विधानपरिषद में शिवसेना की दो महिला सदस्यों नीलम गोहरे एवं मनीषा कायदे के सवालों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।

मंत्री ने सदन को बताया कि जिले में कुदरती तरीके से होने वाले प्रसवों की संख्या सीजेरियन तरीके से होने वाले प्रसवों की संख्या से कहीं अधिक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिन महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए हैं उनमें से कई गन्ने के खेत में काम करने वाली मजदूर नहीं हैं। राज्य सरकार ने सभी चिकित्सकों को आदेश दिया था कि वे अनावश्यक रूप से गर्भाशय नहीं निकालें। राष्ट्रीय महिला आयोग ने अप्रैल में इस मामले के प्रकाश में आने के बाद राज्य के मुख्य सचिव को एक नोटिस जारी किया था।

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