महाराष्ट्र सरकार नहीं लाएगी सीएए के खिलाफ प्रस्ताव, डिप्टी सीएम अजित पवार ने बताई ये वजह

Ajit pawar
महाराष्ट्र सरकार नहीं लाएगी सीएए के खिलाफ प्रस्ताव, डिप्टी सीएम अजित पवार ने बताई ये वजह

मुंबई। नागरिकता संसोधन कानून(सीएए) के खिलाफ केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल राज्यों की विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया है। माना जा रहा था कि कांग्रेस के सहयोग से चल रही महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार भी विधानसभा में भी इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेगी। हालांकि उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने इस मामले पर सरकार की स्थिति स्पष्ट कर दी है।

Maharashtra Government Will Not Bring Proposal Against Caa Deputy Cm Ajit Pawar Gave This Reason :

अजित पवार ने कहा है कि सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाले केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एक ही पार्टी की सरकार है। महाराष्ट्र में ऐसा नहीं है, यहां तीन दलों (एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना) के गठबंधन की सरकार है। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साफ कहा है कि सीएए और एनआरसी से किसी को भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हमारे भी यही विचार हैं।

केरल, पंजाब और राजस्थान के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी इसके खिलाफ सोमवार को प्रस्ताव पास किया गया। इस मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ अल्पसंख्यकों का ही नहीं बल्कि सभी का है। बता दें कि नए नागरिकता कानून में पड़ोसी अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे प्रताड़ित हिन्दू, सिख, ईसाई और पारसी को नागरिकता देने का प्रावधान है। नागरिकता संशोधन कानून को संसद के दोनों सदनों में पास करा लिया गया है। राष्ट्रपति की भी मुहर लग चुकी है। उसके बाद से लगातार इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।

मुंबई। नागरिकता संसोधन कानून(सीएए) के खिलाफ केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल राज्यों की विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया है। माना जा रहा था कि कांग्रेस के सहयोग से चल रही महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार भी विधानसभा में भी इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेगी। हालांकि उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने इस मामले पर सरकार की स्थिति स्पष्ट कर दी है। अजित पवार ने कहा है कि सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाले केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एक ही पार्टी की सरकार है। महाराष्ट्र में ऐसा नहीं है, यहां तीन दलों (एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना) के गठबंधन की सरकार है। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साफ कहा है कि सीएए और एनआरसी से किसी को भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हमारे भी यही विचार हैं। केरल, पंजाब और राजस्थान के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी इसके खिलाफ सोमवार को प्रस्ताव पास किया गया। इस मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ अल्पसंख्यकों का ही नहीं बल्कि सभी का है। बता दें कि नए नागरिकता कानून में पड़ोसी अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे प्रताड़ित हिन्दू, सिख, ईसाई और पारसी को नागरिकता देने का प्रावधान है। नागरिकता संशोधन कानून को संसद के दोनों सदनों में पास करा लिया गया है। राष्ट्रपति की भी मुहर लग चुकी है। उसके बाद से लगातार इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।