महाराष्ट्र: MNS ने औरंगाबाद में लगाए पोस्टर, अवैध पाकिस्तानी और बांग्लादेशी की जानकारी दो, ईनाम पाओ

raj thakare
महाराष्ट्र: एमएनएस ने औरंगाबाद में लगाए पोस्टर, अवैध पाकिस्तानी और बांग्लादेशी की जानकारी दो, ईनाम पाओ

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना के महाविकास अघाड़ी में शामिल होने के बाद हिंदुत्व की राजनीति में अपनी जमीन तलाश रही राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने औरंगाबाद में पोस्टर लगाए हैं। पोस्टर में कहा गया है कि अवैध पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के बारे में जानकारी देने वाले 5,000 रुपये का ईनाम दिया जाएगा। बता दें कि सीएए और एनआरसी को लेकर इनदिनों पूरे देश में घमासान मचा हुआ है।

Maharashtra Mns Posters In Aurangabad Inform Illegal Pakistani And Bangladeshi Get Reward :

राज ठाकरे ने दावा किया है कि उनकी पार्टी ने बांग्लादेशियों द्वारा चलाये जा रहे रिक्शों और टैक्सियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें हटवाया। शिवसेना पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी नीतियां बदलकर सत्ता में पहुंचे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा एलगार परिषद प्रकरण की जांच और इसे लेकर राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के बीच टकराव के बारे में पूछे जाने पर राज ठाकरे ने कहा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन सी एजेंसी जांच करती है, बस जांच परिणाम तक पहुंचनी चाहिए। हम देखते हैं कि कई जांचें शुरू होती हैं लेकिन वे कभी खत्म नहीं होती हैं।

गौरतलब है कि मनसे इस साल जनवरी में अपना नया झंडा सामने लेकर आयी थी, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का राजकीय मुहर है जिसे ‘राज मुद्रा’ कहा जाता है। उस समय कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में उनके भाषण से मनसे के कट्टर हिंदुत्व राजनीति की ओर उन्मुख होने का संकेत भी मिला था।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना के महाविकास अघाड़ी में शामिल होने के बाद हिंदुत्व की राजनीति में अपनी जमीन तलाश रही राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने औरंगाबाद में पोस्टर लगाए हैं। पोस्टर में कहा गया है कि अवैध पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के बारे में जानकारी देने वाले 5,000 रुपये का ईनाम दिया जाएगा। बता दें कि सीएए और एनआरसी को लेकर इनदिनों पूरे देश में घमासान मचा हुआ है। राज ठाकरे ने दावा किया है कि उनकी पार्टी ने बांग्लादेशियों द्वारा चलाये जा रहे रिक्शों और टैक्सियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें हटवाया। शिवसेना पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी नीतियां बदलकर सत्ता में पहुंचे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा एलगार परिषद प्रकरण की जांच और इसे लेकर राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के बीच टकराव के बारे में पूछे जाने पर राज ठाकरे ने कहा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन सी एजेंसी जांच करती है, बस जांच परिणाम तक पहुंचनी चाहिए। हम देखते हैं कि कई जांचें शुरू होती हैं लेकिन वे कभी खत्म नहीं होती हैं। गौरतलब है कि मनसे इस साल जनवरी में अपना नया झंडा सामने लेकर आयी थी, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का राजकीय मुहर है जिसे 'राज मुद्रा' कहा जाता है। उस समय कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में उनके भाषण से मनसे के कट्टर हिंदुत्व राजनीति की ओर उन्मुख होने का संकेत भी मिला था।