महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे का बयान- सभी धर्मों पर पड़ेगा NRC का असर, नहीं होने देंगे लागू

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UP- रामनगरी पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, रामलला और हनुमानगढ़ी के करेंगे दर्शन

मुंबई। बीजेपी की पूर्व सहयोगी पार्टी शिवसेना के प्रमुख और वर्तमान समय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा संशोधित नागरिकता कानून से डरने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन साथ ही कहा कि उनकी सरकार प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी को लागू नहीं होने देगी क्योंकि इसका असर सभी धर्मों पर पड़ेगा।

Maharashtra Uddhav Thackerays Statement Nrc Will Affect All Religions Will Not Be Implemented :

शिवसेना के मुखपत्र सामना में मुख्यमंत्री के साक्षात्कार मे लिखा गया कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी शरणार्थियों को देश से बाहर निकालना शिवसेना की पुरानी मांग रही है। शिवसेना अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकालने के लिए नहीं है लेकिन राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का असर हिंदुओं पर भी पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि भारत को पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों की संख्या जानने का अधिकार है जिन्होंने अपने देशों में सताए जाने के बाद भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन दिया। उन्होने कहा जब वे यहां आते हैं तो क्या उन्हें ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मकान मिलेंगे? उनके बच्चों के रोजगार और शिक्षा का क्या? ये सभी मुद्दे महत्वपूर्ण है और हमें जानने का अधिकार है। ठाकरे ने कहा, मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे यह जानना चाहिए कि इन लोगों को मेरे राज्य में कहां पुन: स्थापित करेंगे। हमारे खुद के लोगों के पास रहने की पर्याप्त जगह नहीं है। क्या ये लोग दिल्ली, बेंगलुरु या कश्मीर जाएंगे क्योंकि अनुच्छेद 370 हट गया है?

इस दौरान उन्होने अपने चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर भी तीखा हमला किया। उन्होने कहा कि एनआरसी वास्तविकता नहीं है और इसके समर्थन या इसके खिलाफ ‘‘मोर्चे” की जरूरत नहीं है। आपको बता दें कि राज ठाकरे नौ फरवरी को मुंबई में सीएए तथा एनआरसी के समर्थन में रैली करेंगे। उन्होंने पाकिस्तानी मूल के संगीतकार अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार देने के केंद्र के फैसले पर भी ऐतराज जताया है। उन्होने कहा, एक प्रवासी केवल प्रवासी होता है। आप उन्हें पद्मश्री से सम्मानित नहीं कर सकते।

मुंबई। बीजेपी की पूर्व सहयोगी पार्टी शिवसेना के प्रमुख और वर्तमान समय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा संशोधित नागरिकता कानून से डरने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन साथ ही कहा कि उनकी सरकार प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी को लागू नहीं होने देगी क्योंकि इसका असर सभी धर्मों पर पड़ेगा। शिवसेना के मुखपत्र सामना में मुख्यमंत्री के साक्षात्कार मे लिखा गया कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी शरणार्थियों को देश से बाहर निकालना शिवसेना की पुरानी मांग रही है। शिवसेना अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकालने के लिए नहीं है लेकिन राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का असर हिंदुओं पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत को पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों की संख्या जानने का अधिकार है जिन्होंने अपने देशों में सताए जाने के बाद भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन दिया। उन्होने कहा जब वे यहां आते हैं तो क्या उन्हें ‘प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत मकान मिलेंगे? उनके बच्चों के रोजगार और शिक्षा का क्या? ये सभी मुद्दे महत्वपूर्ण है और हमें जानने का अधिकार है। ठाकरे ने कहा, मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे यह जानना चाहिए कि इन लोगों को मेरे राज्य में कहां पुन: स्थापित करेंगे। हमारे खुद के लोगों के पास रहने की पर्याप्त जगह नहीं है। क्या ये लोग दिल्ली, बेंगलुरु या कश्मीर जाएंगे क्योंकि अनुच्छेद 370 हट गया है? इस दौरान उन्होने अपने चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर भी तीखा हमला किया। उन्होने कहा कि एनआरसी वास्तविकता नहीं है और इसके समर्थन या इसके खिलाफ ‘‘मोर्चे'' की जरूरत नहीं है। आपको बता दें कि राज ठाकरे नौ फरवरी को मुंबई में सीएए तथा एनआरसी के समर्थन में रैली करेंगे। उन्होंने पाकिस्तानी मूल के संगीतकार अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार देने के केंद्र के फैसले पर भी ऐतराज जताया है। उन्होने कहा, एक प्रवासी केवल प्रवासी होता है। आप उन्हें पद्मश्री से सम्मानित नहीं कर सकते।