महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव: गडकरी के गांव की सीट भी न बचा पायी BJP, नागपुर में बुरी हार

Nitin Gadkari
महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव: गडकरी के गांव की सीट भी न बचा पायी BJP, नागपुर में बुरी हार

मुम्बई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ी, सिंगल लार्जेस्ट पार्टी होने के बावजूद भाजपा सत्ता से बाहर रही। वहीं अब बीेजेपी को एक और झटका लगा है। महाराष्र्ट में हुए जिला परिषद चुनाव में बीजेपी केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के गांव धपेवाड़ा की सीट तक न बचा सकी। वहीं नाग​पुर जिले में बीजेपी को कांग्रेस के मुकाबले आधी सीटें ही मिली हैं।

Maharashtra Zilla Parishad Election Bjp Could Not Save Gadkaris Village Seat Bad Defeat In Nagpur :

महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा का एक मजबूत स्तम्भ माना जाता है। उनका गांव धपेवाड़ा नागपुर जिले में ही है। ऐसा माना जाता था कि नागपुर में बीजेपी को किसी चुनाव में दिक्कत नही होने वाली लेकिन जब जिला परिषद चुनाव हुए तो नितिन गडकरी के गांव की सीट भी बीजेपी न बचा सकी। यहां जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र डोंगरे को जीत मिली है। वहीं अगर नागपुर जिले की बात करें तो 58 सीटो में कांग्रेस को 31, एनसीपी को 12 और बीजेपी को सिर्फ 15 ही सीटे मिली हैं।

आपको बता दें कि पिछले चुनाव में नागपुर में हुए जिला परिषद चुनाव में 58 सीटों में बीजेपी को 22 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस के हाथ में सिर्फ 19 सीटें ही आयी थी वहीं एनसीपी के हाथ 7 सीटें लगीं थी। नागपुर के अलावा वाशिम जिला परिषद में भाजपा को सात सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस ने यहां कुल 9 सीटों पर जीत दर्ज की है। उधर, अकोला में भाजपा को सात, कांग्रेस को 5 और शिवसेना को 11 सीटें मिली हैं। धुले जिला परिषद के चुनाव में भाजपा ने पहले से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 13 सीटों के मुकाबले 39 सीटों पर जीत दर्ज की है।

मुम्बई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ी, सिंगल लार्जेस्ट पार्टी होने के बावजूद भाजपा सत्ता से बाहर रही। वहीं अब बीेजेपी को एक और झटका लगा है। महाराष्र्ट में हुए जिला परिषद चुनाव में बीजेपी केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के गांव धपेवाड़ा की सीट तक न बचा सकी। वहीं नाग​पुर जिले में बीजेपी को कांग्रेस के मुकाबले आधी सीटें ही मिली हैं। महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा का एक मजबूत स्तम्भ माना जाता है। उनका गांव धपेवाड़ा नागपुर जिले में ही है। ऐसा माना जाता था कि नागपुर में बीजेपी को किसी चुनाव में दिक्कत नही होने वाली लेकिन जब जिला परिषद चुनाव हुए तो नितिन गडकरी के गांव की सीट भी बीजेपी न बचा सकी। यहां जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र डोंगरे को जीत मिली है। वहीं अगर नागपुर जिले की बात करें तो 58 सीटो में कांग्रेस को 31, एनसीपी को 12 और बीजेपी को सिर्फ 15 ही सीटे मिली हैं। आपको बता दें कि पिछले चुनाव में नागपुर में हुए जिला परिषद चुनाव में 58 सीटों में बीजेपी को 22 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस के हाथ में सिर्फ 19 सीटें ही आयी थी वहीं एनसीपी के हाथ 7 सीटें लगीं थी। नागपुर के अलावा वाशिम जिला परिषद में भाजपा को सात सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस ने यहां कुल 9 सीटों पर जीत दर्ज की है। उधर, अकोला में भाजपा को सात, कांग्रेस को 5 और शिवसेना को 11 सीटें मिली हैं। धुले जिला परिषद के चुनाव में भाजपा ने पहले से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 13 सीटों के मुकाबले 39 सीटों पर जीत दर्ज की है।