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Mahashivratri 2022: महाशिवरात्रि पर भगवान शिव जी की शुद्ध आसन पर बैठकर ही करें पूजा

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।  इस वर्ष महाशिवरात्रि कल यानी 01 मार्च दिन मंगलवार को है।

By अनूप कुमार 
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Mahashivratri 2022 : हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।  इस वर्ष महाशिवरात्रि कल यानी 01 मार्च दिन मंगलवार को है। चतुर्दशी तिथि मंगलवार की सुबह 03 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 02 मार्च, बुधवार को सुबह करीब 10 बजे तक रहेगी। भगवान शिव की पूजा के विशेष नियमों में सर्वप्रथम पूजा के आसन पर ध्यान दिया जाता है। हमेशा शुद्ध आसन पर बैठकर ही पूजा करें। भगवान शिव की पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। शिव पूजा के समय अपने मन में किसी भी प्रकार का क्रोध, ईर्ष्या या फिर कोई अन्य गलत भाव न लाएंं।

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भगवान शिव की पूजा के विशेष नियम है। भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली वस्तुओं का विशेष महत्व है। भगवान शिव पर अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा आदि भगवान को अर्पित करें। पाजून करें और अंत में आरती करें। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव जी की पूजा करते समय भूलकर भी काला वस्त्र धारण न करें। भगवान शिव का पूजन सफेद या फिर लाल, पीला, केसरिया, आसमानी आदि रंग का पहन कर करें।

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