मिनी वृन्दावन का ऐतिहासिक मेला शुरू

महोबा। मिनी वृन्दावन के रूप में विख्यात उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के चरखारी का सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक श्री गोवर्धन मेला आज वैदिक मंत्रो के बीच परंपरागत तरीके से धूमधाम के साथ आरम्भ हो गया। एडीएम और एडीएम ने इस मेले का उदघाटन किया। चरखारी कस्बे में इस समय व्रन्दावन जैसा माहौल है। शहर में स्तिथ मंदिर से गोवर्धन पर्वत धारी भगवान कृष्ण को रथ में सवार कर मेला स्थल लाकर स्थापित किया। कसबे में भगवान् कृष्ण के 108 मंदिर है जिनकी मुर्तिया भी यहाँ लाकर स्थापित की जायेगी और एक माह तक यहाँ मेला चलेगा। जिसमे विभन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पालिका प्रसाशन द्वारा आयोजित होंगे। सीएम अखिलेश यादव ने इस मेले को राजकीय मेला घोषित किया है लेकिन इसका कोई वजट न आने से स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है।



बुंदेलखंड का कश्मीर कहे जाने वाले क़स्बा चरखारी को मिनी वृन्दावन भी कहा जाता है। भगवान कृष्ण के 108 मंदिर है और कसबे के चारों ओर पानी से भरे तालाब है। दीपावली पर्व के बाद होने वाले इस मेले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। 1883 में कृष्ण भक्त चरखारी रियासत के राजा मलखान जू देव ने गोवर्धन मंदिर की स्थापना की थी । इस मंदिर में भगवान कृष्ण राधा अष्टधातु की मूर्ति स्थापित है । दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा से शुरू होकर एक माह चलने वाले मेले को लेकर चरखारी में कृष्ण भक्तों का भारी हुजूम उमड़ा । कृष्ण और राधा की मूर्ति को रथ में सवार कर मेला मंदिर स्थापित किया गया ।

मुख्य पुजारी सहित पांच अन्य पुरोहितों ने विधि विधान के साथ अनुष्ठान कर गोवर्धन पर्वत धारी कृष्ण,देवी राधा और बलराम की प्रतिमाओं को स्थापित कराया । मुख्य यजमान के रूप में अपर जिला अधिकारी आनंद कुमार और एएसपी राजेश सक्सेना मौजूद रहे । बुंदेलखंड सबसे प्राचीन मेले की शुरुआत करीब डेढ़ सौ वर्ष पूर्व हुई थी । चरखारी रियासत के राजा मलखान जूदेव ने इसे आरम्भ कराया था ! उन्होंने नगर में 108 कृष्ण मंदिर,आकर्षक झीलों और सरोवरों की स्थापना कराई थी । बुंदेलखंड के महत्वपूर्व पर्यटक स्थलों में से चरखारी वैभव किलों और रियासत कालीन भवन पर्यटकों के आकर्षण का भी केन्द्र है ।

चरखारी के इस ऐतिहासिक मेले में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिशालें भी शामिल है । गोवर्धन मंदिर में होने वाली सजावट का काम मुस्लिम परिवार करता है । कस्बे में रहने वाले बुजुर्ग इदरीस पिछले 59 सालों से मंदिर की सजावट और भगवान कृष्ण गोवर्धन पर्वत का श्रंगार करते आ रहे है । इनके पुर्वज भी मंदिर की सज्जा का काम करते थे । इदरीस की भगवान कृष्ण पर न केवल श्रद्धा है बल्कि वो इस काम को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे भी करते रहना चाहते है । पूर्व में महोबा आये सीएम अखिलेश यादव ने इस मेले को राजकीय मेला घोषित किया था लेकिन आज तक मेले के लिए कोई वजट न आने से स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी भी है ।



एक माह तक चलने वाले इस मेले में देवोत्थान एकादशी, कार्तिक पूर्णिमा पर दूर दूर से हजारों महिला श्रद्धालुओं की यहाँ भीड़ जुटती है । मेले में धार्मिक सतसंग, प्रवचन, रामलीला और रासलीला के आलावा सम्मेलन, मुशायरा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है । अपर जिला अधिकारी आनंद कुमार बताते है कि मेले को नगर पालिका भव्य तरीके से सम्पन कराती है ! ये राजकीय मेला है ! वहीँ एएसपी राजेश सक्सेना ने बताया कि मेले में सुरक्षा के मद्देनजर मेला कोतवाली बनाई गई है जिसमे पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है ।