फांसी पर चढ़ाना है तो चढ़ा दो, मैंने ही तुड़वाया बाबरी ढांचा: वेदांती दास

अयोध्या। पूर्व बीजेपी सांसद और राम जन्मभूमि न्यास के सीन‍ियर मेंबर डॉ. रामविलास दास वेदांती ने अयोध्या मामले पर शुक्रवार बयान देते हुआ कबूल किया कि मैंने ही विवादित ढांचा को तुड़वाया था। मेरे कहने पर ही कारसेवकों ने बाबरी ढांचा गिराया था। महंत अवैद्यनाथ, अशोक सिंघल भी इसमें शामिल थे। उन्होंने आगे कहा क‍ि आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी कारसेवकों को समझा रहे थे। आडवाणी इसमें जरा भी दोषी नहीं हैं। बता दें, वेदांती भी बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी हैं।



अयोध्या में मौजूद कारसेवकों ने मेरे और अशोक सिंघल के कहने और उकसाने पर विवादित ढांचे को गिराया था। मेरे कहने पर ही कारसेवकों ने गिराया बाबरी ढांचा। मैंने ही कहा था क‍ि एक धक्का और दो, बाबरी को तोड़ दो। विवादित ढांचे से कुछ ही दूर स्थित मंच पर मौजूद आडवाणी, जोशी आदि नेता कारसेवकों को समझाने की कोश‍िश कर रहे थे क‍ि आपकी कारसेवा हो गई है और आप ढांचे से उतर आइए। इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी बिल्कुल भी दोषी नहीं हैं। वो बेकसूर हैं। अगर कोर्ट फांसी की सजा मुझे दे तो मैं फांसी पर लटकने को तैयार हूं।



जल्द से जल्द मंद‍िर न‍िर्माण हो
वेदांती ने आगे कहा कि मैं रामलला से ये प्रार्थना जरूर करूंगा कि भारत सरकार और राज्य सरकार को ऐसी दिशा मिले कि जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण हो। उन्होंने सरकार से विवादित स्थल के आस-पास अधिग्रहित 67.77 एकड़ जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने की भी मांग की, ताकि इस भूमि पर राममंदिर निर्माण शुरू किया जा सके। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जजों को चुनौती दी कि ध्वंस के समय के साक्ष्यों का अयोध्या आकर पुनर्वलोकन करें। डाॅ.वेदांती ने सीबीआई की नियत पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा क‍ि सीबीआई की झूठी गवाही पर जजों ने फिर केस चलाने का आदेश दिया है।

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