बड़ा हादसा टला: ड्राइवर की समझदारी से बची दुुर्घटनागस्‍त होने वाली लखीमपुर-लखनऊ पैसेंजर

damaged railway track
बड़ा हादसा टला: ड्राइवर की समझदारी से बची दुुर्घटनागस्‍त होने वाली लखीमपुर-लखनऊ पैसेंजर

लखनऊ। एक बड़ा रेल हादसा ड्राइवर की समझदारी से टल गया। लखीमपुर से लखनऊ आने वाली पैसेंजर ट्रेन उस समय दुुर्घटनागस्‍त होने से बाल-बाल बच गई, जब वह टूटे ट्रैक से गुजर रही थी। पटर‍ियों से आ रही तेज आवाज को सुनकर ट्रेन ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी। जांच के बाद पता चला की पटरी टूटी हुई है।

Major Accident Averted Lakhimpur Lucknow Passenger Who Was Accidentally Saved From Drivers Sensibility :

रविवार को लखीमपुर से लखनऊ आने वाली पैसेंजर ट्रेन 55061 सिधौली और कमलापुर के बीच सुरैचा हाल्ट के पास निकल रही थी, इस बीच पटरियों से तेज आवाज आई। ट्रेन के ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोक लिया। इसके बाद ड्राइवर, गार्ड नीचे उतरे। पटरियों की निगरानी की जा रही थी, इस बीच एक जगह पर पटरी टूटी हुई पाई गई। पटरी के बीच करीब दो से तीन इंच का गैप होना बताया जा रहा है। सूचना देकर मौके पर रेल पथ निरीक्षक और उनकी टीम को बुलाया गया।

वहीं, करीब आधे घंटे की मरम्मत के बाद फिलहाल पटरी को सही कर दिया गया। इसके बाद ड्राइवर ट्रेन लेकर मौके से रवाना हो गया था। जंक्शन अधीक्षक ए.के. शुक्ला ने बताया कि ठंडक के मौसम में रेल की पटरियां अपने आप चटक जाती हैं। इसी वजह से ऐसा हुआ है। जितनी दूरी में पटरी चटकी है, उसके आसपास 30 किलोमीटर का प्रतिबंध कॉसन लगा दिया गया है। यहां पर ट्रेनें 30 किमी की रफ्तार से ही निकलेंगी। पटरी बदलने के बाद रफ्तार सामान्य कर दी जाएगी।

लखनऊ। एक बड़ा रेल हादसा ड्राइवर की समझदारी से टल गया। लखीमपुर से लखनऊ आने वाली पैसेंजर ट्रेन उस समय दुुर्घटनागस्‍त होने से बाल-बाल बच गई, जब वह टूटे ट्रैक से गुजर रही थी। पटर‍ियों से आ रही तेज आवाज को सुनकर ट्रेन ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी। जांच के बाद पता चला की पटरी टूटी हुई है। रविवार को लखीमपुर से लखनऊ आने वाली पैसेंजर ट्रेन 55061 सिधौली और कमलापुर के बीच सुरैचा हाल्ट के पास निकल रही थी, इस बीच पटरियों से तेज आवाज आई। ट्रेन के ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोक लिया। इसके बाद ड्राइवर, गार्ड नीचे उतरे। पटरियों की निगरानी की जा रही थी, इस बीच एक जगह पर पटरी टूटी हुई पाई गई। पटरी के बीच करीब दो से तीन इंच का गैप होना बताया जा रहा है। सूचना देकर मौके पर रेल पथ निरीक्षक और उनकी टीम को बुलाया गया। वहीं, करीब आधे घंटे की मरम्मत के बाद फिलहाल पटरी को सही कर दिया गया। इसके बाद ड्राइवर ट्रेन लेकर मौके से रवाना हो गया था। जंक्शन अधीक्षक ए.के. शुक्ला ने बताया कि ठंडक के मौसम में रेल की पटरियां अपने आप चटक जाती हैं। इसी वजह से ऐसा हुआ है। जितनी दूरी में पटरी चटकी है, उसके आसपास 30 किलोमीटर का प्रतिबंध कॉसन लगा दिया गया है। यहां पर ट्रेनें 30 किमी की रफ्तार से ही निकलेंगी। पटरी बदलने के बाद रफ्तार सामान्य कर दी जाएगी।