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बड़ा हादसा: चंबल नदी को पार करते समय पलटी नाव, 50 लोग थे सवार, 7 लोगों की मौत

Major Accident Boat Overturned While Crossing Chambal River 50 People Were Ridden 7 People Died

By सोने लाल 
Updated Date

कोटा: बूंदी जिले की सीमा पर गोठड़ा कला गांव के नजदीक चंबल नदी में एक नाव पलट गई। जिसकी वजह से बड़ा हादसा हुआ है। इस नाम में तकरीबन 50 लोग सवार थे। इसके अलावा इस नाव में कुछ सामान और वाहन भी रखे हुआ था। यह लोग नाव के जरिए कमलेश्वर धाम बूंदी की तरफ जा रहे थे। अचानक से जब नाव पलट गई तो, इसमें बैठे महिलाएं बच्चे और लोग नहीं में डूबने लगे। नाव के पलटने से तकरीबन 10 से 12 लोग डूबने की सूचना है। जिनमें से 7 शवों को निकाला जा चुका है। इनमें 2 महिला और 4 पुरुष हैं।

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कोटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी के मुताबिक पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। वहीं, पुलिस ने 14 लोगों की सूची बनाई है जो चंबल नदी में गायब हैं। अब यह पता करना है कि यह लोग जिनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। वह नदी में डूब गए हैं या फिर नदी के उस पार पहुंच गए हैं। इसके अलावा एक व्यक्ति की लाश भी चंबल नहीं से निकाली जा चुकी है। जिसकी पहचान करवाई जा रही है। साथ ​ही एसपी चौधरी का कहना है कि 15 लोग ऐसे थे जिनको नदी में से निकाल लिया गया है। जो कि इस डूबने वाली नाव में सवार थे।

बचाव दल के साथ स्थानीय गोताखोर भी नदी में डूबे लोगों को ढूंढने में जुटे हैं।

एसपी चौधरी का यह भी कहना है कि उन्होंने आसपास के थानों के जाब्ते को भी मौके पर भिजवाया है। इसके अलावा एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच रही है। जो कि रेस्क्यू और चंबल नदी में डूबे हुए लोगों की तलाश में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार डूबने वाले लोगों में अधिकांश बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं शामिल है, जो कि तैरना नहीं जानती थी और गहरे पानी के चलते नदी में ही बह गई है।

घटना सुबह 9:00 बजे की बताई जा रही है। इस संबंध में लोक सभा स्पीकर ओम बिरला ने भी चिंता जताई है लोकसभा सचिवालय ने जिला प्रशासन से इस संबंध में संपर्क साधा और कोटा से एसडीआरएफ टीम को मौके के लिए रवाना करवाया। नाव डूबने के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया. महिलाएं और बच्चे बचाने के लिए चिल्लाने लगे। साथ ही अपने आप को डूबने से बचाने के लिए भी नदी में संघर्ष करते रहे।

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हालांकि वहां पर किसी भी तरह की कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। इसके अलावा उन महिलाओं और बच्चों को किनारे तक लाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके लिए प्रशासन ही जिम्मेदार माना जा रहा है। क्योंकि इस तरह से अवैध रूप से नावों का संचालन तो किया जा रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार हादसे से बचाव के लिए कोई उपकरण या टीम वहां पर तैनात नहीं है।

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