Makar Sankranti 2020: आज या कल कब है मकर संक्रांति? जाने शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Makar Sankranti 2020: आज या कल कब है मकर संक्रांति? जाने शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Makar Sankranti 2020: आज या कल कब है मकर संक्रांति? जाने शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

लखनऊ। हमारे देश में मकर संक्रांति के त्योहार का बेहद खास महत्वु होता है, इसे हर साल जनवरी के महीने में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है यानी कि पृथ्वीम का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है।

Makar Sankranti Date Time Significance :

देश के अलग-अलग राज्योंय में इस पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी, उत्तराखंड में घुघुतिया या काले कौवा, असम में बिहू और दक्षिण भारत में इसे पोंगल के रूप में मनाया जाता है। अगर आप भी इस सोच में पड़े हैं कि मकर संक्रांति किस दिन पड़ रही है तो आपको बता दें कि साल 2020 में इसे 15 जनवरी को मनाया जाएगा।

मकर संक्रांति की तिथि और शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति या खिचड़ी की तिथि: 15 जनवरी 2020
मकर संक्रांति पुण्यच काल: 15 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक
कुल अवधि: 10 घंटे 31 मिनट
मकर संक्रांति महापुण्य काल: 15 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 9 बजे तक
कुल अवधि: 1 घंटे 45 मिनट

  • मकर संक्रां‍ति की पूजा विधि
  • भविष्यपुराण के अनुसार सूर्य के उत्तरायण के दिन संक्रांति व्रत करना चाहिए।
  • तिल को पानी में मिलाकार स्नान करना चाहिए. अगर संभव हो तो गंगा स्नान करना चाहिए।
  • इस दिन तीर्थ स्थान या पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व अधिक है।
  • इसके बाद भगवान सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
  • मकर संक्रांति पर अपने पितरों का ध्यान और उन्हें तर्पण जरूर देना चाहिए।

इन मंत्रों का करें उच्चारण

मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद भगवान सूर्यदेव का स्मरण करना चाहिए। गायत्री मंत्र के अलावा इन मंत्रों से भी पूजा की जा सकती है:
1- ऊं सूर्याय नम: ऊं आदित्याय नम: ऊं सप्तार्चिषे नम:
2- ऋड्मण्डलाय नम: , ऊं सवित्रे नम: , ऊं वरुणाय नम: , ऊं सप्तसप्त्ये नम: , ऊं मार्तण्डाय नम: , ऊं विष्णवे नम:

लखनऊ। हमारे देश में मकर संक्रांति के त्योहार का बेहद खास महत्वु होता है, इसे हर साल जनवरी के महीने में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है यानी कि पृथ्वीम का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। देश के अलग-अलग राज्योंय में इस पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी, उत्तराखंड में घुघुतिया या काले कौवा, असम में बिहू और दक्षिण भारत में इसे पोंगल के रूप में मनाया जाता है। अगर आप भी इस सोच में पड़े हैं कि मकर संक्रांति किस दिन पड़ रही है तो आपको बता दें कि साल 2020 में इसे 15 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति की तिथि और शुभ मुहूर्त मकर संक्रांति या खिचड़ी की तिथि: 15 जनवरी 2020 मकर संक्रांति पुण्यच काल: 15 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक कुल अवधि: 10 घंटे 31 मिनट मकर संक्रांति महापुण्य काल: 15 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 9 बजे तक कुल अवधि: 1 घंटे 45 मिनट
  • मकर संक्रां‍ति की पूजा विधि
  • भविष्यपुराण के अनुसार सूर्य के उत्तरायण के दिन संक्रांति व्रत करना चाहिए।
  • तिल को पानी में मिलाकार स्नान करना चाहिए. अगर संभव हो तो गंगा स्नान करना चाहिए।
  • इस दिन तीर्थ स्थान या पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व अधिक है।
  • इसके बाद भगवान सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
  • मकर संक्रांति पर अपने पितरों का ध्यान और उन्हें तर्पण जरूर देना चाहिए।
इन मंत्रों का करें उच्चारण मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद भगवान सूर्यदेव का स्मरण करना चाहिए। गायत्री मंत्र के अलावा इन मंत्रों से भी पूजा की जा सकती है: 1- ऊं सूर्याय नम: ऊं आदित्याय नम: ऊं सप्तार्चिषे नम: 2- ऋड्मण्डलाय नम: , ऊं सवित्रे नम: , ऊं वरुणाय नम: , ऊं सप्तसप्त्ये नम: , ऊं मार्तण्डाय नम: , ऊं विष्णवे नम: