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विश्वविद्यालय में कैश बुक व बैलेन्स सीट अनिवार्य रूप से तैयार की जाये : आनंदीबेन पटेल

यूपी की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को विश्वविद्यालय ऑडिट आपत्तियों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए है। श्रीमती पटेल ने आज वर्चुअली जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के साथ समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिये ।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। यूपी की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को विश्वविद्यालय ऑडिट आपत्तियों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए है। श्रीमती पटेल ने आज वर्चुअली जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के साथ समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिये । उन्होंने कहा कि अनउपयोगी खातों को बंद करते हुए विश्वविद्यालय में वित्तीय जरूरतों के लिये न्यूनतम खाते रखे जायें। इसके साथ ही कैश बुक व बैलेन्स सीट अनिवार्य रूप से तैयार की जाये।

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कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में जो निर्माण कार्य चल रहे हैं। उनका नियमित अनुश्रवण कमेटी बनाकर किया जाये । उचित होगा कि इस काम के लिए अनुश्रवण कमेटी गठित कर दी जाये। राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोई कमी न हो तो निर्माण कार्य अपने समय पर हो जाये।

शैक्षिक सत्र पर चर्चा करते हुये उन्होंने निर्देश दिये कि नयी शिक्षा नीति लागू करने के लिए समीक्षा बैठकें यथा शीघ्र करके तैयार प्रस्ताव को विद्या परिषद की बैठक में विचार विमर्श के लिए प्रस्तुत करें । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालय के शिक्षक भी ई कंटेंट तैयार करें। लिविंग लीजेण्ड के विशिष्टीकरण पर व्याख्यान माला भी आयोजित की जानी चाहिये।

कुलाधिपति ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि विश्वविद्यालय में जो भी विवादित प्रकरण हैं। उन पर गम्भीरता पूर्वक विचार विमर्श करें। उन्हें शीघ्र निस्तारित कराये। उन्होंने कहा कि नियुक्ति में पूर्ण पादर्शिता बरती जाये, पूर्व में नियुक्तियों से सम्बन्धित जो भी विवादित प्रकरण है। उनके निस्तारण की दिशा में गंभीरता पूर्वक कार्रवाई करते हये नवीन नियुक्तियों के विज्ञापन जारी किये जाये, जिसमें नियुक्ति के लिये निर्धारित सभी मापदण्डों का उल्लेख हो।

श्रीमती पटेल ने दोनों विश्वविद्यालयों के महिला अध्ययन केन्द्रों पर चर्चा करते हुये निर्देश दिये कि महिला सशक्तीकरण के लिये शिक्षा, स्वास्थ्य स्वाभिमान, सुरक्षित मातृत्व, कुपोषण तथा आर्थिक स्वावलबंन के कार्यक्रम चलाये जायें, इसमें नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा विशिष्ट महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों आदि को शामिल करते हुये विश्वविद्यालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाये, जिसमें केंद्र तथा राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं, सामाजिक कुरीतियों तथा रोजगार कार्यक्रमों की जानकारी दी जाये एक करने से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान सरकारी योजनाओं का लाभ अपनी ग्राम सभा में दे सकेंगे।

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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की छात्राओं को बाल-सदन, नारी निकेतन, वृद्धाश्रम, जच्चा-बच्चा अस्पताल आदि का भ्रमण करायें ताकि वे अपने जीवन में सही और गलत के उत्तर को जान सकें तथा बच्चों की ऐसी टीम तैयार करे जो ग्रामीण महिलाओं का अपने अनुभव बांटने के साथ व्याख्यान भी दे सकें। इस अवसर पर राज्यपाल ने कोविड-19 टीकाकरण, योग दिवस व वृहद् वृक्षारोपण की तैयारी के निर्देश दिये। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता, सहित विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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