अब मलेशिया में सरकार के खिलाफ बोल सकेंगे लोग, पहले दी जाती थी ये सजा

fake news law
अब मलेशिया में सरकार के खिलाफ बोल सकेंगे लोग, पहले दी जाती थी ये सजा

Malaysia Repealed Its Fake News Law

नई दिल्ली। मलेशिया में अब सकरार के खिलाफ अपनी बात रखने का अधिकार आम नागरिकों को मिल गया है। इससे पहले ऐसा करने वालों पर करीब 85 लाख रूपए के जुर्माने के साथ ही छह साल की जेल का प्रावधान था। सरकार ​के खिलाफ बोलने वाले इस कानून को पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने लागू किया था, जिसकी खूब आलोचना हुई थी।

बीते मई में हुए चुनाव में प्रधानमंत्री बने 93 साल के महातिर मोहम्मद ने चुनाव प्रचार के दौरान फेक न्यूज कानून को हटाने का वादा किया था। जिसके चलते उन्होने वादा निभाते हुए फेक न्यूज कानून समाप्त कर कर दिया। बता दें कि चुनाव से पहले उन पर भी फेक न्यूज कानून के तहत जांच चल रही थी। महातिर का दावा था कि नजीब प्रशासन के लिए काम करने वालों ने उन पर विमान में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए चुनाव लड़ने से रोकने का प्रयास किया गया था। इसके अलावा उनपर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। अगर ये आरोप सही साबित होंगे तो उन्हे 125 साल की जेल हो सकती है।

बता दें कि संसद में फेक न्यूज कानून को हटाने के लिए तीन घंटे बहस चली। जिसके पक्ष में विपक्ष ने भी वोट दिया। मंत्री हनिपा मैदिन ने कहा कि फेक न्यूज से निपटने के लिए पुलिस को नई शक्तियां दी जाएंगी। आसियान पार्लियामेंटेरियन फॉर ह्यूमन राइट्स के बोर्ड मेंबर टेडी ब्रॉनर ने कहा, “फेक न्यूज कानून आम आदमी की आवाज को दबाने के लिए लाया गया था। बता दें कि दक्षिण-पूर्व एशिया में मलेशिया पहला देश था जिसने फेक न्यूज कानून लागू किया।

नई दिल्ली। मलेशिया में अब सकरार के खिलाफ अपनी बात रखने का अधिकार आम नागरिकों को मिल गया है। इससे पहले ऐसा करने वालों पर करीब 85 लाख रूपए के जुर्माने के साथ ही छह साल की जेल का प्रावधान था। सरकार ​के खिलाफ बोलने वाले इस कानून को पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने लागू किया था, जिसकी खूब आलोचना हुई थी। बीते मई में हुए चुनाव में प्रधानमंत्री बने 93 साल के महातिर मोहम्मद ने चुनाव प्रचार के दौरान…