नर चीतल की संदिग्ध परिस्थियों में हुई मौत, ग्रामीणों ने जड़े ये आरोप

अमेठी। अमेठी जनपद के शुकुलबाज़ार थाना अंतर्गत बूबूपुर गांव में सन्दिध परिस्थियों में एक दुर्लभ प्रजाति के नर चीतल की मौत का मामला सामने आया है। गांव में चर्चाएं हैं कि किसी ने एक नर चीतल पर हमला कर दिया जिसके बाद चीतल घायल हो गया और कुछ समय बाद उसने दम तोड़ दिया। लेकिन रेंजर मुसाफिरखाना संजय कुमार ने कहा कि नर चीतल कुत्तों के काटने से घायल हो गया था, जिसके बाद शॉक लगने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पशु डाक्टरों ने पीएम करने के बाद नर चीतल के शव को नष्ट कर दिया है।

Male Cheetal S Death In Amethi :

क्या है पूरा प्रकरण-

मिली जानकारी के अनुसार शुकुलबाजार थाना अंतर्गत गाँव बूबूपुर में आज गंभीर रूप से घायल एक नर चीतल गाँव में घुस गया। जिसे गांव के कुछ कुत्ते दौड़ा रहे थे, कुत्ते चीतल पर हमला कर रहे थे। इस पर गांव वालों ने चीतल के पास जाकर कुत्तों को दूर भगाने प्रयास किया लेकिन कुत्ते चीतल के ऊपर हमला करते रहे इस पर ग्रामीणों ने लाठी, पत्थरों से कुत्तों को भगाया इसके बाद चीतल के पास जाकर देखा तो चोट के निशान थे इसकी सूचना वन विभाग को दी गर्ई।

amethi death chital
नर चीतल की मौत

ग्रामीणों ने लगाए ये आरोप-

आरोप है कि बार-बार फोन लगाने के बाद वन कर्मचारी घण्टो बाद गांव पहुंचे तब तक चीतल की मौत हो चुकी थी। जिस पर वन विभाग के कर्मचारी ने पंचनामा बनाया फिर गाडी में चीतल के शव को भेजा गया। जहां पशु चिकित्सक की टीम ने पीएम कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने चीतल के शव का दाह संस्कार किया। घटना के बाद वन कर्मचारियों के प्रति ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई उन्होंने आरोप लगाया वन विभाग के अधिकारी कभी भी इस क्षेत्र में नहीं आते हैं जबकि गांव के आसपास के जंगलो में बड़ी संख्या में चीतल है।

सर्चिंग की उड़ रही धज्जियां-

एक ओर जहां वन विभाग यह दावा करते नहीं थकती कि वन विभाग के कर्मचारी हर हमेशा क्षेत्र में सर्चिंग करते हैं, लेकिन दावे का हवा शुक्रवार को घटना के बाद ही निकल गया जब सूचना देने के घण्टो बाद कर्मचारी पहुंचे।

पानी की तलाश में भटकते हैं वन्यप्राणी-

इन दिनों पाली, बूबूपुर, उरेरमऊ, पनही जंगल, सहित आधा दर्जन गांवों के आसपास बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों को आसानी से देखा जा सकता है पानी की संकट के चलते और प्यास बुझाने के लिए वन्य प्राणी सीधे गांवों की ओर रूख करते हैं और इसी का फायदा उठाकर आवारा कुत्ते इन वन्य प्राणी के ऊपर हमला कर देते हैं।

सजगता बढाये वनविभाग के कर्मी-

कुछ सजग ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के बाद शिकारियों की नजर इन वन्यप्राणियों में बनी रहती है जहां पानी की तलाश में चीतल गांव पहुंचते हैं इससे पहले भी हमले के कारण वन्य प्राणियों की मौत की हो गयी है इसके बाद वन विभाग के अधिकारी इस दिशा में सजग नहीं है।

बोले जिम्मेदार-

कुत्ते के झुंड के हमले से चीतल को गहरे जख्म और दौड़ने के कारण हार्ट फेल होने से मौत हुई है- संजय कुमार, रेंजर मुसाफिरखाना

रिपोर्ट-राम मिश्रा

अमेठी। अमेठी जनपद के शुकुलबाज़ार थाना अंतर्गत बूबूपुर गांव में सन्दिध परिस्थियों में एक दुर्लभ प्रजाति के नर चीतल की मौत का मामला सामने आया है। गांव में चर्चाएं हैं कि किसी ने एक नर चीतल पर हमला कर दिया जिसके बाद चीतल घायल हो गया और कुछ समय बाद उसने दम तोड़ दिया। लेकिन रेंजर मुसाफिरखाना संजय कुमार ने कहा कि नर चीतल कुत्तों के काटने से घायल हो गया था, जिसके बाद शॉक लगने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पशु डाक्टरों ने पीएम करने के बाद नर चीतल के शव को नष्ट कर दिया है।

क्या है पूरा प्रकरण-

मिली जानकारी के अनुसार शुकुलबाजार थाना अंतर्गत गाँव बूबूपुर में आज गंभीर रूप से घायल एक नर चीतल गाँव में घुस गया। जिसे गांव के कुछ कुत्ते दौड़ा रहे थे, कुत्ते चीतल पर हमला कर रहे थे। इस पर गांव वालों ने चीतल के पास जाकर कुत्तों को दूर भगाने प्रयास किया लेकिन कुत्ते चीतल के ऊपर हमला करते रहे इस पर ग्रामीणों ने लाठी, पत्थरों से कुत्तों को भगाया इसके बाद चीतल के पास जाकर देखा तो चोट के निशान थे इसकी सूचना वन विभाग को दी गर्ई। [caption id="attachment_291847" align="aligncenter" width="963"]amethi death chital नर चीतल की मौत[/caption]

ग्रामीणों ने लगाए ये आरोप-

आरोप है कि बार-बार फोन लगाने के बाद वन कर्मचारी घण्टो बाद गांव पहुंचे तब तक चीतल की मौत हो चुकी थी। जिस पर वन विभाग के कर्मचारी ने पंचनामा बनाया फिर गाडी में चीतल के शव को भेजा गया। जहां पशु चिकित्सक की टीम ने पीएम कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने चीतल के शव का दाह संस्कार किया। घटना के बाद वन कर्मचारियों के प्रति ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई उन्होंने आरोप लगाया वन विभाग के अधिकारी कभी भी इस क्षेत्र में नहीं आते हैं जबकि गांव के आसपास के जंगलो में बड़ी संख्या में चीतल है।

सर्चिंग की उड़ रही धज्जियां-

एक ओर जहां वन विभाग यह दावा करते नहीं थकती कि वन विभाग के कर्मचारी हर हमेशा क्षेत्र में सर्चिंग करते हैं, लेकिन दावे का हवा शुक्रवार को घटना के बाद ही निकल गया जब सूचना देने के घण्टो बाद कर्मचारी पहुंचे।

पानी की तलाश में भटकते हैं वन्यप्राणी-

इन दिनों पाली, बूबूपुर, उरेरमऊ, पनही जंगल, सहित आधा दर्जन गांवों के आसपास बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों को आसानी से देखा जा सकता है पानी की संकट के चलते और प्यास बुझाने के लिए वन्य प्राणी सीधे गांवों की ओर रूख करते हैं और इसी का फायदा उठाकर आवारा कुत्ते इन वन्य प्राणी के ऊपर हमला कर देते हैं।

सजगता बढाये वनविभाग के कर्मी-

कुछ सजग ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के बाद शिकारियों की नजर इन वन्यप्राणियों में बनी रहती है जहां पानी की तलाश में चीतल गांव पहुंचते हैं इससे पहले भी हमले के कारण वन्य प्राणियों की मौत की हो गयी है इसके बाद वन विभाग के अधिकारी इस दिशा में सजग नहीं है।

बोले जिम्मेदार-

कुत्ते के झुंड के हमले से चीतल को गहरे जख्म और दौड़ने के कारण हार्ट फेल होने से मौत हुई है- संजय कुमार, रेंजर मुसाफिरखाना
रिपोर्ट-राम मिश्रा