JNU हिंसा को ममता बनर्जी ने बताया फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक, नही देखे कभी ऐसे हालात

CM Mamata Banerjee
JNU हिंसा को ममता बनर्जी ने बताया फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक, नही देखे कभी ऐसे हालात

कोलकाता। दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार शाम हुई दो गुटों के बीच हिंसा को बंगला की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फांसीवादी सर्जिकल स्ट्राइक बताया है। इस दौरान छात्रों के साथ साथ शिक्षकों के साथ भी जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि 50 से ज्यादा नकाबपोश हमलावरों ने इस वारदात को को अंजाम दिया है। जो लोग हमला करने आये थे, उन लोगों ने अपने हांथो में लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और धारदार हथियार ले रखे थे। घटना के बाद से ही भारी मात्रा में JNU कैंंपस के अन्दर व बाहर सुरक्षाबल तैनात कर दिया गये हैं वहीं घटना से डरे छात्रों ने कैंंपस भी छोंड़ दिया है।

Mamta Banerjee Calls Jnu Violence A Fascist Surgical Strike Never Seen Such Situation :

ममता बनर्जी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस अरविंद केजरीवाल के अंतर्गत नहीं बल्कि वहां की पुलिस केंद्र सरकार के अधीन काम करती है। एक तरफ वो लोग बीजेपी के गुंडों को भेज रहे हैं और दूसरी ओर पुलिस को काम नहीं करने दे रहे हैं। पुलिस इसमें क्या कर सकती है जब उन्हें ऊपर से आदेश दिया जा रहा हो। ये एक फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक है।’ JNU हिंसा मामले में वायरल हो रहे वीडियो को देखने के बाद उन्होंने कहा, ‘ये बहुत विचलित करने वाले हैं। ये पहले से तय किया गया लोकतंत्र पर हमला है। जो कोई उनके खिलाफ बोलेगा उसे पाकिस्तानी घोषित कर दिया जाएगा और देश का दुश्मन करार दे दिया जाएगा। हमने इससे पहले देश में इस तरह के हालात नहीं देखे हैं।’

बताया जा रहा है कि इस घटना में छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष के हाथों और सिर में काफी चोट लगी है। हमले में घायल हुए सभी छात्रों और शिक्षकों को एम्स में भर्ती कराया गया था जहां सोमवार सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इस मामले में छात्र संघ के लेफ्ट ने ABVP कार्यकर्ताओं पर छात्रों से मारपीट का आरोप लगा है। वहीं दूसरी तरफ ABVP पदाधिकारियों ने आरोपों लगाया है कि लेफ्ट समर्थित छात्रों ने उनके साथ मारपीट की है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अभी तक एक केस दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच को केस की जांच सौंप दी गई है वहीं पुलिस ने कुछ हमलावरों की पहचान की है।

कोलकाता। दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार शाम हुई दो गुटों के बीच हिंसा को बंगला की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फांसीवादी सर्जिकल स्ट्राइक बताया है। इस दौरान छात्रों के साथ साथ शिक्षकों के साथ भी जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि 50 से ज्यादा नकाबपोश हमलावरों ने इस वारदात को को अंजाम दिया है। जो लोग हमला करने आये थे, उन लोगों ने अपने हांथो में लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और धारदार हथियार ले रखे थे। घटना के बाद से ही भारी मात्रा में JNU कैंंपस के अन्दर व बाहर सुरक्षाबल तैनात कर दिया गये हैं वहीं घटना से डरे छात्रों ने कैंंपस भी छोंड़ दिया है। ममता बनर्जी ने कहा, 'दिल्ली पुलिस अरविंद केजरीवाल के अंतर्गत नहीं बल्कि वहां की पुलिस केंद्र सरकार के अधीन काम करती है। एक तरफ वो लोग बीजेपी के गुंडों को भेज रहे हैं और दूसरी ओर पुलिस को काम नहीं करने दे रहे हैं। पुलिस इसमें क्या कर सकती है जब उन्हें ऊपर से आदेश दिया जा रहा हो। ये एक फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक है।' JNU हिंसा मामले में वायरल हो रहे वीडियो को देखने के बाद उन्होंने कहा, 'ये बहुत विचलित करने वाले हैं। ये पहले से तय किया गया लोकतंत्र पर हमला है। जो कोई उनके खिलाफ बोलेगा उसे पाकिस्तानी घोषित कर दिया जाएगा और देश का दुश्मन करार दे दिया जाएगा। हमने इससे पहले देश में इस तरह के हालात नहीं देखे हैं।' बताया जा रहा है कि इस घटना में छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष के हाथों और सिर में काफी चोट लगी है। हमले में घायल हुए सभी छात्रों और शिक्षकों को एम्स में भर्ती कराया गया था जहां सोमवार सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इस मामले में छात्र संघ के लेफ्ट ने ABVP कार्यकर्ताओं पर छात्रों से मारपीट का आरोप लगा है। वहीं दूसरी तरफ ABVP पदाधिकारियों ने आरोपों लगाया है कि लेफ्ट समर्थित छात्रों ने उनके साथ मारपीट की है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अभी तक एक केस दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच को केस की जांच सौंप दी गई है वहीं पुलिस ने कुछ हमलावरों की पहचान की है।