रेंजर ने नही ​किया भुगतान तो टंकी पर चढ़ा ठेकेदार

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रेंजर ने नही दिया मेहनताना तो टंकी पर चढ़ा ठेकेदार

Man Climed At Water Tank

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजतरगंज स्थित चिड़ियाघर में रविवार को काफी देर हड़कंप मचा रहा। हुंआ यूं कि चिड़िया घर के रंजर पीयूष श्रीवास्तव ने वर्ष 2013 में यहां भारी पेड़ों की छटाई के साथ ही बाड़ों की सफाई और पेड़ काटकर पार्किंग बनवाने का काम करवाया था। ये सारा काम ठेकेदारी का काम करने वाले युवक ने किया। पीड़ित के मुताबिक काम के वक्त कोई लिखापढ़ी नही कराई थी, रेंजर के मौखिक आदेश पर ही उसने नवंबर 2013 से मई माह तक प्रतिदिन दस लेबर लगवाकर काम करवाया। जिनका रेंजर द्वारा आंशिक भुगतान ही किया गया। पूरा पैसा मांगने पर पियू​ष ने कहा कि यहां काटी गई लकड़ी की निलामी होने के बाद तुरन्त पैसे का भुगतान हो जाएगा।

पीड़ित युवक अपने पैसों की मांग के लिए पियूष श्रीवास्तव के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसका भुगतान नही किया गया। इसी बीच उसे कही से पता चला कि रेंजर ने सारी लकड़ी ठेकेदारों के माध्यम से बेंच दी है। खुद का करीब चौदह लाख रूपए डूबता देख पीड़ित युवक रविवार को चिड़ियाघर पहुंचा और वहां बनी वन विभाग की टंकी पर चढ़ गया। उसे टंकी पर चढ़ा देख वहा हड़कंप मच गया।

मौके पर पहुंचे ​वन विभाग के अधिकारियों ने उसे काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वो नही माना। मामला बढ़ता देख इसकी जानकारी हजतरगंज पुलिस को दी गईं। सूचना पाकर आनन—फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने जल्द ही भुगतान का आश्वासन देते हुए समझाया, तब जाकर काफी देर बाद नीचे उतरा। उसके बाद पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

पीड़ित ने बताया कि रेंजर द्वारा मौखिक रूप से लगभग 100 हरे पेड़ों को काटकर पार्किंग बनाई गई। परंतु रेंजर द्वारा श्रमिकों की आंशिक मजदूरी का ही भुगतान किया। रेंजर द्वारा बताया गया कि कटे हुए पेड़ों की लकड़ी की नीलामी की जाएगी तब पूरा पूरी मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। पीड़ित लगातार मजदूरी की मांग करने पर आज तक उसे आश्वासन ही मिलता रहा। पीड़ित का आरोप है कि उसे कुछ विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली कि इस रेंजर के पूर्व सपा सरकार के मंत्री से अच्छे संबंध होने के कारण ही लेबरों का भुगतान नहीं किया गया।

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजतरगंज स्थित चिड़ियाघर में रविवार को काफी देर हड़कंप मचा रहा। हुंआ यूं कि चिड़िया घर के रंजर पीयूष श्रीवास्तव ने वर्ष 2013 में यहां भारी पेड़ों की छटाई के साथ ही बाड़ों की सफाई और पेड़ काटकर पार्किंग बनवाने का काम करवाया था। ये सारा काम ठेकेदारी का काम करने वाले युवक ने किया। पीड़ित के मुताबिक काम के वक्त कोई लिखापढ़ी नही कराई थी, रेंजर के मौखिक आदेश पर ही उसने नवंबर 2013 से…