अधेड़ ने मेट्रो के सामने कूदकर दी जान, बार-बार हादसों से क्यों सबक नहीं लेता दिल्ली मेट्रो?

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आजादपुर मेट्रो स्टेशन पर सोमवार सुबह एक अधेड़ व्यक्ति ने मेट्रो ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। मृतक की शिनाख्त ईर प्रसाद शर्मा (50 ) के रूप में की कर पुलिस ने उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमे मृतक ने अपनी कंपनी के मालिक पर उत्पीड़न तथा कथित तौर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। मेट्रो पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रहीं है और इस बाबत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।




इस घटना के बाद काफी देर तक मेट्रो का परिचालन बादली व हुडा सिटी सेटर मार्ग पर प्रभावित रहा। हालांकि बाद में यातायात समान्य हो गया।पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक ईर शर्मा अपने परिवार के साथ मॉडल टाउन इलाके में रहता था। आजादपुर के एक निजी गैस कंपनी में नौकरी करने वाला ईर शर्मा सोमवार सुबह आजादपुर मेट्रो स्टेशन पर पहुंचा और मेट्रो ट्रेन आते ही फ्लेटफार्म पर अचानक छलांग लगा दी। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मेट्रो ट्रेन रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक अधेड़ मेट्रो की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो चुका था। सूचना पाकर पहुंची सीआईएसफ तथा मेट्रो पुलिस ने उसे ट्रैक से निकालकर बाबू जगजीवन राम अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।




पुलिस ने बताया कि मृतक की जेब से मिले पहचान पत्र के आधार पर पुलिस ने शिनाख्त की। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें उसने कंपनी के मालिक द्वारा परेशान करने की बात लिखी है। उसने अपनी मौत के लिए कंपनी के मालिक को जिम्मेदार ठहराया है । पुलिस उपायुक्त जितेंद्र मणि का कहना है कि सुसाइड नोट में यह साफ नहीं लिखा है कि उसे किस तरह से परेशान किया जा रहा था। पुलिस इसे लेकर कंपनी के मालिक और कर्मचारियों से पूछताछ करेगी। इसके अलावा मृतक के परिवार से भी इस बाबत जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तय सामने आएंगे उसके आधार पर आगे कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल जांच टीम ने मौके से सीसीटीवी कैमरे के फुटेज जब्त किए हैं।

जिसमें अधेड़ मेट्रो के सामने कूदते हुए दिख रहा है। मृतक गैस कंपनी में पिछले दस साल से बतौर सुपरवाइजर तैनात था। साथी कर्मियरे को भी सुसाइड की वजह ज्ञात नहीं है। गौरतलब है कि आए दिन मेट्रो के आगे कूदकर आमजन आत्महत्या कर रहे है और मेट्रो प्रशासन इस तरह के घटनाओं पर रोक लगाने में अक्षम साबित हो रहा है।