मुफ्त शराब के लिए बने क्रांतिकारी, बिजली के खंभे से शुरू किया आंदोलन

लखनऊ। लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी है कि आपको अभिव्यक्ति की आजादी देता है। इस आजादी के तहत आप किसी भी बात के लिए मुखर हो सकते हैं। शायद ये बात इस शख्स को भी किसी ने समझा दी। जिसके बाद इन महाशय के सिर क्रान्ति का भूत चढ़ा और ये जा बैठे 11 हजार वाट की हाईटेशन लाइन के खंभे पर। जब लोगों का ध्यान इनकी ओर आकर्षित हुआ तो इन्होंने एक कदम और आगे बढ़ाया और सीधे बिजली के तार पर ही अपनी तशरीफ जमा दी। भला हो यूपी सरकार का जो बिजली नहीं देती नहीं तो इस क्रान्तिकारी के प्राण पखेरू उड़ा जाते।




मामला है यूपी के जालौन का जहां की एट पुलिस ने आजकल अवैध शराब के खिलाफ आॅपरेशन चला रखा है। जिस वजह से सस्ते दामों पर मिलने वाली कच्ची शराब के भरोसे अपनी लत पूरी करने वाले इन महाशय को गहरा सदमा लगा। लिहाजा इन्होंने पहले सरकारी ठेके से शराब खरीद कर अपनी लत को शांत किया और ठान लिया कि अब ये कच्ची शराब की बिक्री चालू करवा कर रहेंगे। नहीं तो सरकार इन्हें और कबूतरों को फ्री शराब उपलब्ध करवाए। शराब के नशे में नारेबाजी करते हुए ये शख्स धूरट मोड़ तक पहुंचा और उसके बाद कपड़े उतारकर सीधे बिजली के खंभे पर जा बैठा। लोगों ने जब इसकी ओर ध्यान दिया तो ये चिल्ला रहा था कि कबूतरों को दारू फ्री दो।




पूरा ड्रामा देख रहे लोगों ने इस बात की सूचना बिजली विभाग और एट पुलिस को दी तो आनन फानन में इस क्रांतिकारी को कड़ी मशक्कत और मांगे पूरा करने का भरोसा देकर नीचे उतारा गया। जहां पुलिस ने इनका स्वागत किया। पुलिस को देखते ही इन्होंने अपना नाम पता तोते की तरह पढ़ा। तब लोगों को पता चला कि इनका नाम बुक्के है और कच्ची शराब बंद होने से इनका दिन भर नशे में रहने का शौक मारा जा रहा है। फिलहाल पुलिस बुक्के को अपने साथ ले गई है। एट पुलिस अपने सीएम अखिलेश यादव को धन्यवाद दे रही है कि उनके रहते यूपी वाले कम से कम 11 हजार वाट के तारों पर बैठकर प्रदर्शन करने के बाद सुरक्षित बच जाते हैं, अगर बिजली का एक झटका भी आ जाता तो पुलिस वालों के लिए तो दिन भर का सिरदर्द हो जाता।