यूपी में भूख के चलते शख्स की मौत, प्रशासन ने किया इंकार

कुशीनगर। गरीबी और बेबसी ने जिले के नाहर छपरा गांव में एक 22 वर्षीय युवक की जान ले ली। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक की स्थिति इतनी दयनीय थी कि वह अपने लिए दो जून की रोटी भी नहीं जुटा सकता था। शासन-प्रशासन ने उसकी कोई मदद नहीं की। आक्रोशित ग्रामीणों ने रामधाम के पास शव रखकर सड़क जाम कर दिया। वहीं, जिला प्रशासन मौत की वजह बीमारी बता रहा है।




प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के पडरौना तहसील क्षेत्र अंतर्गत स्थित नाहर छपरा गांव के दरबारी भगत टोला निवासी राधेश्याम कुशवाहा की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। पूरे कुनबे की जिंदगी गरीबी और फांकाकसी के भरोसे कटती है। गरीबी के चलते पूरा कुनबा कुपोषण का शिकार है। ग्रामीणों के मुताबिक, कुपोषण की वजह से राधेश्याम के लड़के अनिल की हालत खराब थी। घरवालों के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे अनिल का इलाज ठीक ढंग से करा सके।

उधर ग्राम प्रधान ने पीड़ित का अन्तोदय कार्ड भी रद्द करा दिया। इसके अलावा प्रधान ने मनरेगा में मजदूरी भी नहीं करने दिया। चार दिन से भूखे अनिल ने आखिरकर दम तोड़ ही दिया। अनिल की मौत होने के बाद गांव के लोग आक्रोशित हो उठे। और शव को रामधाम के पास रखकर विशुनपुरा ब्लॉक मुख्यालय को जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस गरीब परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की बजाय ग्रामप्रधान ने इस कुनबे को संपन्न बताकर अंत्योदय कार्ड तक रद्द करा दिया।




इस संबंध में एसडीएम पडरौना का कहना है कि मृतक बीमार था। बीमारी के चलते उसकी मौत हुई है। सरकारी सुविधाएं इस परिवार को मुहैया कराई जाएगी।