UPI ऐप के जरिए हैकर्स ने SBI अकाउंट से चुराए 6.8 लाख रुपये

UPI ऐप के जरिए हैकर्स ने SBI अकाउंट से चुराए 6.8 लाख रुपये
UPI ऐप के जरिए हैकर्स ने SBI अकाउंट से चुराए 6.8 लाख रुपये

नई दिल्ली। आजकल ऑनलाइन लेन-देन में धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ रहे हैं। जहां नोएडा सेक्टर-12 में रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति के बैंक खाते से यूपीआई ऐप के जरिए 6.8 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसके पास स्मार्टफोन तक नहीं था। अभी तक साइबर फ्रॉड के अधिकतर मामले बैंक या दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर डिटेल लेने के बाद सामने आए हैं।

Man Without Smartphone Loses 6 8 Lakh Rupees From Sbi Upi Account In Noida :

जानें पूरा मामला

अकाउंट से पैसे हैकर्स ने UPI ऐप के जरिए ट्रांसफर किया। इसकी जानकारी मोहन को तब लगी जब वह पैसे निकालने एटीएम गया। यहां उसने पाया की उसके अकाउंट में पैसे कम हैं जिसके बाद उसने इसकी शिकायत सेक्टर 2 स्थित एसबीआई बैंक के ब्रांच में की। बैंक ने मोहन को बताया गया कि उसके अकाउंट से 29 सितंबर से अब तक 7 बार पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। इसकी जानकारी मोहन को इस वजह से ना हो सकी क्योंकि उसके पास फोन नहीं है। फिलहाल साइबर सेल इस मामले की जांच कर रहा है।

ऐसे हो सकती है यूपीआई से धोखाधड़ी

साइबर सेल के मुताबिक, हैकर्स नकली सिम बनाकर इस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं। इसके बाद वे असली सिम को ब्लॉक कर देते हैं। नई सिम की मदद से वे यूपीआई ऐप (UPI App) डाउनलोड करते हैं और बैंक डिटेल भरने के बाद पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।

बिना स्मार्टफोन भी हो सकती है ठगी

यूपीआई को किसी भी मोबाइल पर #99 टाइप करके एक्टिवेट किया जा सकता है। इसके लिए हैकर्स को सिर्फ डुप्लीकेट सिम की जरूरत होती है। इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड के ओटीपी, यूपीआई आईडी और पिन आदि डेटा किसी के साथ भी शेयर न करें।

नई दिल्ली। आजकल ऑनलाइन लेन-देन में धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ रहे हैं। जहां नोएडा सेक्टर-12 में रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति के बैंक खाते से यूपीआई ऐप के जरिए 6.8 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसके पास स्मार्टफोन तक नहीं था। अभी तक साइबर फ्रॉड के अधिकतर मामले बैंक या दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर डिटेल लेने के बाद सामने आए हैं। जानें पूरा मामला अकाउंट से पैसे हैकर्स ने UPI ऐप के जरिए ट्रांसफर किया। इसकी जानकारी मोहन को तब लगी जब वह पैसे निकालने एटीएम गया। यहां उसने पाया की उसके अकाउंट में पैसे कम हैं जिसके बाद उसने इसकी शिकायत सेक्टर 2 स्थित एसबीआई बैंक के ब्रांच में की। बैंक ने मोहन को बताया गया कि उसके अकाउंट से 29 सितंबर से अब तक 7 बार पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। इसकी जानकारी मोहन को इस वजह से ना हो सकी क्योंकि उसके पास फोन नहीं है। फिलहाल साइबर सेल इस मामले की जांच कर रहा है।

ऐसे हो सकती है यूपीआई से धोखाधड़ी

साइबर सेल के मुताबिक, हैकर्स नकली सिम बनाकर इस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं। इसके बाद वे असली सिम को ब्लॉक कर देते हैं। नई सिम की मदद से वे यूपीआई ऐप (UPI App) डाउनलोड करते हैं और बैंक डिटेल भरने के बाद पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।

बिना स्मार्टफोन भी हो सकती है ठगी

यूपीआई को किसी भी मोबाइल पर #99 टाइप करके एक्टिवेट किया जा सकता है। इसके लिए हैकर्स को सिर्फ डुप्लीकेट सिम की जरूरत होती है। इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड के ओटीपी, यूपीआई आईडी और पिन आदि डेटा किसी के साथ भी शेयर न करें।