सोनौली बार्डर पर भटक रहे बच्चे को मानव सेवा संस्थान(सेवा) ने परिजनों से मिलाया

IMG-20190811-WA0006

महराजगंज:पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के रुपंदेही जिले के कोटिहवा से भटक कर भारत के सोनौली कस्बे में पहुंचे एक चार वर्षीय बच्चे को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया।

Manav Seva Sansthan Seva Introduced The Child Wandering On The Sonoli Border :

कोटिहवा निवासी मोहन गुप्ता शनिवार की शाम करीब पांच बजे अपनी पत्नी व चार वर्षीय पुत्र आर्यन गुप्ता को लेकर बेलहिया नेपाल स्थित अपने ससुराल में आए थे।

बच्चा खेलते-खेलते भटक कर अकेले भारतीय सीमा के कस्टम कार्यालय तक पहुंच गया था। जिस पर चौकी प्रभारी विनोद राय, पीजीएसएस की पुष्पा चौधरी व मानव सेवा संस्थान सेवा की रीता मिश्रा, शारदा की नजर पड़ी।

उन्होंने बालक को साथ लेकर चौकी पर आए और परिजनों की तलाश शुरू कर दिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद बालक के परिजन स्वत: बच्चे को ढूंढते हुए सोनौली चौकी पर पहुंचे। बच्चे को देखकर परिजन उसे अपने गले लगा लिए।

चौकी प्रभारी विनोद राय ने बताया कि सोनौली कस्बे में घूमते हुए एक चार वर्षीय बच्चा मिला था। बच्चे को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

 

महराजगंज:पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के रुपंदेही जिले के कोटिहवा से भटक कर भारत के सोनौली कस्बे में पहुंचे एक चार वर्षीय बच्चे को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया। कोटिहवा निवासी मोहन गुप्ता शनिवार की शाम करीब पांच बजे अपनी पत्नी व चार वर्षीय पुत्र आर्यन गुप्ता को लेकर बेलहिया नेपाल स्थित अपने ससुराल में आए थे। बच्चा खेलते-खेलते भटक कर अकेले भारतीय सीमा के कस्टम कार्यालय तक पहुंच गया था। जिस पर चौकी प्रभारी विनोद राय, पीजीएसएस की पुष्पा चौधरी व मानव सेवा संस्थान सेवा की रीता मिश्रा, शारदा की नजर पड़ी। उन्होंने बालक को साथ लेकर चौकी पर आए और परिजनों की तलाश शुरू कर दिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद बालक के परिजन स्वत: बच्चे को ढूंढते हुए सोनौली चौकी पर पहुंचे। बच्चे को देखकर परिजन उसे अपने गले लगा लिए। चौकी प्रभारी विनोद राय ने बताया कि सोनौली कस्बे में घूमते हुए एक चार वर्षीय बच्चा मिला था। बच्चे को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।