मंडी परिषद के निर्माण कार्यो में दागियों को न करें शामिल: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडी परिषद को किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि मंडी परिषद के निर्माण कार्यो में दागियों को शामिल न किया जाए। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मंडी परिषद से संबंधित निर्माण कार्यो में दागी फर्मो, दागी ठेकेदारों, माफियाओं और अपराधियों को किसी भी दशा में शामिल न किया जाए।




उन्होंने मंडी परिषद के निदेशक को निर्देश दिए कि वह आगामी एक माह के अंदर विशिष्ट मंडियों का भ्रमण कर, वहां की जमीनी हकीकत से रूबरू हों। उन्होंने मंडी परिषद के कार्यो की सख्त मॉनीटरिंग किए जाने की आवश्यकता जताई। मुख्यमंत्री ने कहा, “किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए मंडी परिषद पूरी पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के साथ कार्य करे। मंडी परिषद के कार्यो में भ्रष्टाचार और अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।”

योगी ने कहा कि मंडी परिषद किसानों के लिए शोषण के अड्डे न होकर सुविधाजनक स्थल बने। उन्होंने निर्देश दिए, “मंडी परिषद के अंतर्गत आने वाली सड़कों को आगामी 15 जून तक हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए। राजस्व वृद्धि के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। मंडी स्थलों के सुदृढ़ीकरण व कंप्यूटराइजेशन के कार्य को प्रभावी ढंग से किया जाए। सुदृढ़ीकरण के तहत भवन, प्लेटफार्म, ड्रेनेज सिस्टम, कूड़े के निस्तारण एवं प्रबंधन तथा दुकान निर्माण की कार्यवाही की जाए। मंडी/उप मंडी स्थलों का निर्माण हो।”




उन्होंने कहा, “मंडियों में सफाई, पेयजल व शौचालय जैसी व्यवस्थाओं को सु²ढ़ किया जाए। आवकों की प्रवेश पर्ची सुनिश्चित करने के लिए गेट व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हों तथा कृषकों व व्यापारियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था की जाए।”