मंदसौर हिंसा: कर्फ़्यू में कुछ राहत, अब सियासी पार्टियां दिखा रही अपनी चाहत

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में आंदोलन कर रहे पांच किसानों की मौत के बाद से हिंसा ने जिस तरह विकराल रूप धारण कर लिया था उससे सरकार के साथ प्रशासन के भी हाथ-पाव फूल गए थे। किसानों की मौत का खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर भी लोगों का सरकार के प्रति गुस्सा फूट पड़ा था। जिसके बाद इस हिंसा का भयावह रूप देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार को यहां कर्फ़्यू लगा दिया था जो की अभी भी जारी है हालांकि इस कर्फ़्यू में अब थोड़ी नरमी देखी जा सकती है।



Mandsaur Hinsa Karfyu Mei Thodi Rahat To Siyasi Partiya Dikha Rhi Apni Chahat :

बताते चलें कि बीते मंगलवार को मंदसौर में पुलिस की तरफ से हुए फायरिंग में 5 किसानों ने अपनी जान गवा दी थी जिसके बाद यहाँ के आस पास के सात जिलों के किसान सड़क पर उतर उग्र प्रदर्शन करने लगे। चारो तरफ आगजनी, पुलिस पर पथराव, गाड़ियों पर हमला! इस तरह का माहौल बनता देख प्रशासन ने हालात को काबू में करने के लिए यहां कर्फ़्यू लगाने का आदेश दे डाला था। इस कर्फ़्यू के तीन दिन बीत जाने बाद भी हालात में ज़्यादा बदलाव नहीं आया है लेकिन हिंसा में थोड़ा ठहराव जरूर देखने को मिल रहा है। जिस वजह से प्रशासन ने भी नरम रुख अपनाते हुए कर्फ़्यू ने थोड़ी ढिलाई दिखाई है।




सियासी पार्टियां कर रही है सियासत

मौके की नज़ाकत को देखते हुए सियासी पार्टियां भी अपनी रोटी सेंकने को आतुर दिखाई दे रही है। कल जिस प्रकार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर पहुँचने की जद्दोजहद करते दिख रहे थे इससे ते यह बात स्पष्ट होता दिख रहा था कि कांग्रेस भी मौके को भुनाने की पुरजोर कोशिश कर रही है वहीं आम आदमी पार्टी का भी एक प्रतिनिधिमंडल मंदसौर दौरे पर जा रहा है। इनका कहना है कि 10 जून से ये लोग किसानो के हक में देश भर में प्रदर्शन कर किसानो के हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में आंदोलन कर रहे पांच किसानों की मौत के बाद से हिंसा ने जिस तरह विकराल रूप धारण कर लिया था उससे सरकार के साथ प्रशासन के भी हाथ-पाव फूल गए थे। किसानों की मौत का खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर भी लोगों का सरकार के प्रति गुस्सा फूट पड़ा था। जिसके बाद इस हिंसा का भयावह रूप देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार को यहां कर्फ़्यू लगा दिया था जो की अभी भी जारी है हालांकि इस कर्फ़्यू में अब थोड़ी नरमी देखी जा सकती है। बताते चलें कि बीते मंगलवार को मंदसौर में पुलिस की तरफ से हुए फायरिंग में 5 किसानों ने अपनी जान गवा दी थी जिसके बाद यहाँ के आस पास के सात जिलों के किसान सड़क पर उतर उग्र प्रदर्शन करने लगे। चारो तरफ आगजनी, पुलिस पर पथराव, गाड़ियों पर हमला! इस तरह का माहौल बनता देख प्रशासन ने हालात को काबू में करने के लिए यहां कर्फ़्यू लगाने का आदेश दे डाला था। इस कर्फ़्यू के तीन दिन बीत जाने बाद भी हालात में ज़्यादा बदलाव नहीं आया है लेकिन हिंसा में थोड़ा ठहराव जरूर देखने को मिल रहा है। जिस वजह से प्रशासन ने भी नरम रुख अपनाते हुए कर्फ़्यू ने थोड़ी ढिलाई दिखाई है। सियासी पार्टियां कर रही है सियासत मौके की नज़ाकत को देखते हुए सियासी पार्टियां भी अपनी रोटी सेंकने को आतुर दिखाई दे रही है। कल जिस प्रकार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर पहुँचने की जद्दोजहद करते दिख रहे थे इससे ते यह बात स्पष्ट होता दिख रहा था कि कांग्रेस भी मौके को भुनाने की पुरजोर कोशिश कर रही है वहीं आम आदमी पार्टी का भी एक प्रतिनिधिमंडल मंदसौर दौरे पर जा रहा है। इनका कहना है कि 10 जून से ये लोग किसानो के हक में देश भर में प्रदर्शन कर किसानो के हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे।