कुण्डली में मंगल दोष यानि वैवाहिक जीवन का सर्वनाश

कुण्डली ग्रहों का आना आपकी लाइफ बना भी सकता है और सर्वनाश भी। ब्रम्हाण्ड में मंगल ग्रह और हिन्दू धर्म में मंगल देव जिन्हें भूमि, संपत्ति, विवाह, संतान आदि सभी सुखों का प्रदाता माना जाता है। वे श्रद्धालुओं का भला भी करते हैं, ये उग्र ग्रह हैं जिसके कारण मंगल देव को लाल पुष्प, कुमकुम और अन्य रक्त वर्णि तत्व चढ़ाए जाते हैं।

वैवाहिक जीवन पर ग्रहों का असर:

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हमारे सभी विवाह संबंध मंगल दोष के प्रभाव से ही तय होते हैं। जन्मकुंडली में यदि मांगलिक दोष होता है तो व्यक्ति को विवाह संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में विवाह संबंध तय नहीं हो पाता, विवाह संबंध तय होकर छूट जाता है, विवाह के समय विघ्न आता है, विवाह के बाद जीवन साथी से विवाद भी हो जाता है।

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यदि मंगल हो और अशुभ ग्रहों का प्रभाव हो या शत्रु राशि में हो तो मंगल दोष होता है। इस तरह की स्थिति से जातक का विवाह अधिक आयु में होता है।

मंगल होने पर जातक का विवाह जल्द भी हो जाता है लेकिन वैवाहिक जीवन में सुख होने की संभावना कम हो जाती है। कई बार उलझन सामने आती है।

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