अगर आप भी है मांगलिक तो अवश्य करें ये उपाय

अगर आप भी है मांगलिक तो अवश्य करें ये उपाय
अगर आप भी है मांगलिक तो अवश्य करें ये उपाय

ग्रह दशा से उसका वैवाहिक जीवन भी प्रभावित होता है। ऐसे में मंगल ग्रह भी जातक को बेहद प्रभावित करता है। मंगल यदि जन्म कुंडली में 4 थे, 12 वें, पांचवे आदि स्थान पर हो तो जातक मांगलिक होता है। ऐसे में उसके विवाह, कैरियर आदि में देरी से सफलता मिलती है।

करें ये उपाय:
ऐसे जातक को अपने लिए मंगली वर या वधू ही तलाशना चाहिए। दूसरी ओर मंगल एक उग्र ग्रह है। इसका प्रभाव लाल रंग से युक्त है।

{ यह भी पढ़ें:- कुण्डली में मंगल दोष यानि वैवाहिक जीवन का सर्वनाश }

मगर कुपित मंगल को शांत करने के लिए कई प्रयास भी होते हैं। ऐसे में मंत्र जप बहुत उत्तम होता है। मंत्रों को लेकर कहा गया है कि जो मन से मनन किए जाते हैं वही मंत्र हैं ऐसे में शक्ति दोगुनी हो जाती है।

मंगल के लिए ऊं भौमाय नमः मंत्र सबसे अच्छा है। कार्तिकेय या शिव का पूजन भी मंगल दोष की पीड़ा से मुक्ति देता है।

इसके अलावा मंगलवार को मंगल देव की प्रतिमा या मध्यप्रदेश के उज्जैन में प्रतिष्ठापित मंगलनाथ मंदिर में लाल पुष्प अर्पित करने से मंगल की पीड़ा में राहत मिलती है।

ग्रह दशा से उसका वैवाहिक जीवन भी प्रभावित होता है। ऐसे में मंगल ग्रह भी जातक को बेहद प्रभावित करता है। मंगल यदि जन्म कुंडली में 4 थे, 12 वें, पांचवे आदि स्थान पर हो तो जातक मांगलिक होता है। ऐसे में उसके विवाह, कैरियर आदि में देरी से सफलता मिलती है। करें ये उपाय: ऐसे जातक को अपने लिए मंगली वर या वधू ही तलाशना चाहिए। दूसरी ओर मंगल एक उग्र ग्रह है। इसका प्रभाव लाल रंग से युक्त…
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