मनमोहन बोले- कुछ मुद्दों पर राज्यसभा के पास और ज्यादा होने चाहिए अधिकार

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मनमोहन बोले- कुछ मुद्दों पर राज्यसभा के पास और ज्यादा होने चाहिए अधिकार

नई दिल्ली। आज से संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूवात हुई वहीं राज्यसभा का ये 250वां सत्र था। वहीं पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि कुछ मुददो पर राज्यसभा के पास और ज्यादा अधिकार होने चाहिए। उन्होने कहा कि सीमाओं के पुनर्निधार्रण से संबंधित विधेयकों में राज्यसभा की अधिक भूमिका होनी चाहिए। हालांकि इस दौरान उन्होने जम्मू कश्मीर का नाम नही लिया। इस दौरान उन्होने कहा कि नेहरू की सराहना की जानी चाहिए जिन्होने राज्यसभा की भूमिका विकसित किया।

Manmohan Said Rajya Sabha Should Have More Rights On Some Issues :

राज्यसभा के 250वें सत्र पर उच्च सदन में ‘भारतीय शासन व्यवस्था में राज्यसभा की भूमिका और आवश्यकता’ पर एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया था। उनका कहना था कि कार्यपालिका को इस सदन के प्रति अधिक सम्मान दिखाना चाहिए लेकिन ऐसा बिल्कुल नही हो रहा है। उदाहरण के तौर पर उन्होने कहा कि किसी राज्य की सीमाओं का पुनर्निधार्रण… उन्हें केंद्रशासित प्रदेशों में परिवर्तित करना, ये दूरगामी परिणामों वाले प्रस्ताव अथवा विधेयक हैं।

पूर्व पीएम ने कहा कि जब सरकार कोई भी विधेयक राज्यसभा में पारित करवाती है तो जल्दबाजी नही करनी चाहिए, राज्यसभा के कद और महत्व को समझना चाहिए, जल्दबाजी से महत्व कम होता है। इस दौरान उन्होने कहा कि कार्यपालिका द्वारा धन विधेयक के प्रावधानों की ‘दुरूपयोग की घटनाओं’ पर भी चिंता जतायी। उनका कहना था कि अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयकों में लोकसभा के पास ज्यादा अधिकार हैं।

नई दिल्ली। आज से संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूवात हुई वहीं राज्यसभा का ये 250वां सत्र था। वहीं पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि कुछ मुददो पर राज्यसभा के पास और ज्यादा अधिकार होने चाहिए। उन्होने कहा कि सीमाओं के पुनर्निधार्रण से संबंधित विधेयकों में राज्यसभा की अधिक भूमिका होनी चाहिए। हालांकि इस दौरान उन्होने जम्मू कश्मीर का नाम नही लिया। इस दौरान उन्होने कहा कि नेहरू की सराहना की जानी चाहिए जिन्होने राज्यसभा की भूमिका विकसित किया। राज्यसभा के 250वें सत्र पर उच्च सदन में 'भारतीय शासन व्यवस्था में राज्यसभा की भूमिका और आवश्यकता' पर एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया था। उनका कहना था कि कार्यपालिका को इस सदन के प्रति अधिक सम्मान दिखाना चाहिए लेकिन ऐसा बिल्कुल नही हो रहा है। उदाहरण के तौर पर उन्होने कहा कि किसी राज्य की सीमाओं का पुनर्निधार्रण... उन्हें केंद्रशासित प्रदेशों में परिवर्तित करना, ये दूरगामी परिणामों वाले प्रस्ताव अथवा विधेयक हैं। पूर्व पीएम ने कहा कि जब सरकार कोई भी विधेयक राज्यसभा में पारित करवाती है तो जल्दबाजी नही करनी चाहिए, राज्यसभा के कद और महत्व को समझना चाहिए, जल्दबाजी से महत्व कम होता है। इस दौरान उन्होने कहा कि कार्यपालिका द्वारा धन विधेयक के प्रावधानों की 'दुरूपयोग की घटनाओं' पर भी चिंता जतायी। उनका कहना था कि अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयकों में लोकसभा के पास ज्यादा अधिकार हैं।