RSS के सह सरकार्यवाह में दो नाम और शामिल, डाॅ. वैद्य और मुकुंदन को मिली जिम्‍मेदारी

RSS के सह सरकार्यवाह, डाॅ. वैद्य, मुकुंदन
RSS के सह सरकार्यवाह में दो नाम और शामिल, डाॅ. वैद्य और मुकुंदन को मिली जिम्‍मेदारी

नई दिल्ली। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ(आरएसएस) की कार्यकारिणी के सदस्‍यों में बड़ा बदलाव हुआ है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के प्रचार प्रमुख डॉक्टर डाॅ. मनमोहन वैद्य और मुकुंदन को अहम जिम्‍मेदारी सौंपी गई। दोनों को ही आरएसएस में सह सरकार्यवाह नियुक्‍त किया गया है। सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने इन दोनों को अहम कार्य सौंपा है।

Manmohan Vaidya And Mukunda Appointed As Joint General Secretaries Of Rss :

बता दें कि फिलहाल संगठन में दत्तात्रेय होसबोले, सुरेश सोनी, कृष्णगोपाल और वी भगैय्या पहले से सह सरकार्यवाह की भूमिका में हैं। सरकार्यवाह चुने जाने के बाद भैया जी जोशी ने कई मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने त्रिपुरा में भाजपा की सरकार बनने के बाद लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की घटना की निंदा की।

राम मंदिर मुद्दे पर जोशी का कहना था, ‘राम मंदिर बनना तय है, वहां दूसरा कुछ बन नहीं सकता लेकिन प्रक्रिया से जाना पड़ेगा।’ नागपुर के हेडगेवार स्मारक समिति में शुक्रवार को शुरू हुई इस बैठक का उद्घाटन आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया था। संघ के मुताबिक देशभर से तकरीबन 1500 निर्वाचित प्रतिनिधि और आमंत्रित सदस्य इस बैठक में शामिल हुए।

नई दिल्ली। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ(आरएसएस) की कार्यकारिणी के सदस्‍यों में बड़ा बदलाव हुआ है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के प्रचार प्रमुख डॉक्टर डाॅ. मनमोहन वैद्य और मुकुंदन को अहम जिम्‍मेदारी सौंपी गई। दोनों को ही आरएसएस में सह सरकार्यवाह नियुक्‍त किया गया है। सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने इन दोनों को अहम कार्य सौंपा है।बता दें कि फिलहाल संगठन में दत्तात्रेय होसबोले, सुरेश सोनी, कृष्णगोपाल और वी भगैय्या पहले से सह सरकार्यवाह की भूमिका में हैं। सरकार्यवाह चुने जाने के बाद भैया जी जोशी ने कई मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने त्रिपुरा में भाजपा की सरकार बनने के बाद लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की घटना की निंदा की।राम मंदिर मुद्दे पर जोशी का कहना था, 'राम मंदिर बनना तय है, वहां दूसरा कुछ बन नहीं सकता लेकिन प्रक्रिया से जाना पड़ेगा।' नागपुर के हेडगेवार स्मारक समिति में शुक्रवार को शुरू हुई इस बैठक का उद्घाटन आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया था। संघ के मुताबिक देशभर से तकरीबन 1500 निर्वाचित प्रतिनिधि और आमंत्रित सदस्य इस बैठक में शामिल हुए।