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‘मन की बात’: पीएम मोदी ने फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को दी श्रद्धां​जलि, वैक्सीन लगवाने के लिए की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 78वें एपिसोड में देशवासियों से रूबरू हुए। मान की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने टोक्यो ओलंपित पर चर्चा कीं इसके साथ ही महान धावक मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने कोरोना टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक किया। साथ ही, देश के तमाम लोगों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया। बता दें कि, 'मन की बात' कार्यक्रम की शरूआत में पीएम मोदी ने फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देकर की।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 78वें एपिसोड में देशवासियों से रूबरू हुए। मान की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने टोक्यो ओलंपित पर चर्चा कीं इसके साथ ही महान धावक मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने कोरोना टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक किया। साथ ही, देश के तमाम लोगों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया। बता दें कि, ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शरूआत में पीएम मोदी ने फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देकर की।

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उन्होंने मिल्खा सिंह का देश के प्रति योगदानों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि जब बात टोक्यो ओलंपिक की हो रही हो, तो भला मिल्खा सिंह जैसे महान खिलाड़ी को कौन भूल सकता है। कुछ दिन पहले ही कोरोना ने उन्हें हमसे छीन लिया। जब वह अस्पताल में थे तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था। मैंने कहा था कि आपने तो 1964 में टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस बार हमारे खिलाड़ी ओलंपिक के लिए टोक्यो जा रहे हैं तो आपको हमारे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना है।

मिल्खा सिंह खेल के लिए इतने समर्पित और भावुक थे कि बीमारी में भी उन्होंने तुरंत इसके लिए हामी भर दी। दुर्भाग्य से नियति को कुछ और मंजूर था। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि टीके की सुरक्षा देश के हर नागरिक को मिले, हमें लगातार प्रयास करते रहना है। कई जगहों पर वैक्सीन को लेकर झिझक को खत्म करने के लिए कई संगठन के लोग आगे आये हैं और सब मिलकर के बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मेरी माँ तो क़रीब-क़रीब 100 साल की हैं, उन्होंने भी दोनों डोज लगवा लिए हैं।

कभी-कभी किसी को इससे बुखार वगैरह आता है, पर वो बहुत मामूली होता है, कुछ घंटो के लिए ही होता है। देखिए, वैक्सीन नहीं लेना बहुत ख़तरनाक हो सकता है। साथ ही पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा, मुझे नैनीताल से परितोष ने लिखा है कि, उन्हें गिलोय और दूसरी कई वनस्पतियों के इतने चमत्कारी मेडिकल गुणों के बारे में कोरोना आने के बाद ही पता चला।

उन्‍होंने कहा कि लोगों के आसपास ही कई औषधीय वनस्‍पतियां मौजूद हैं लेकिन उन्‍हें पता ही नहीं है। जिसे बारे में उन्‍हें जानने की जरूरत है। इसी तरह मध्य प्रदेश के सतना के एक साथी हैं श्रीमान रामलोटन कुशवाहा जी, उन्होंने बहुत ही सराहनीय काम किया है। रामलोटन जी ने अपने खेत में एक देशी म्यूज़ियम बनाया है। इस म्यूज़ियम में उन्होंने सैकड़ों औषधीय पौधों और बीजों का संग्रह किया है।

 

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